Royal Cushion Vinyl Products Ltd ने वित्त वर्ष **2026** के लिए **₹7.94 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹2.29 करोड़** के मुनाफे में थी। कंपनी के ऑडिटर्स ने 'Going Concern' यानी कारोबार जारी रखने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि देनदारियां संपत्तियों से ज्यादा हो गई हैं।
फाइनेंशियल सेहत बिगड़ी
कंपनी की ओर से जारी एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2026 में ऑपरेशन से रेवेन्यू घटकर ₹55.93 करोड़ रह गया है, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹63.91 करोड़ था। मुनाफा कमाने वाली कंपनी अब ₹7.94 करोड़ के नेट लॉस में पहुंच गई है, जिससे अर्निंग पर शेयर (EPS) घटकर -₹2.17 हो गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor's Warning)
कंपनी के इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने 'मटेरियल अनिश्चितता' (Material Uncertainty) को लेकर रेड फ्लैग जारी किया है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी की करंट लायबिलिटीज (Current Liabilities) उनकी करंट एसेट्स (Current Assets) से ज्यादा हो गई हैं, जो बिजनेस के भविष्य पर सीधा खतरा पैदा कर रही हैं।
बड़े कॉरपोरेट बदलाव
निवेशकों को अब कंपनी की 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का इंतजार है, जो 29 सितंबर 2026 को होनी है। कंपनी Natroyal Industries Private Limited (NIPL) के साथ विलय की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी NIPL के साथ ₹70 करोड़ का सप्लाई एग्रीमेंट और ₹25 करोड़ का अनसिक्योर्ड लोन लेने पर शेयरधारकों की मंजूरी चाहती है। वहीं, एमडी महेश के. शाह से भी ₹12 करोड़ का लोन लेने का प्रस्ताव रखा गया है।
