Rolex Rings ने चुकाया पुराना कर्ज़, अब शेयर बायबैक की तैयारी
Rolex Rings Limited ने 31 मार्च, 2026 को ऐलान किया है कि कंपनी ने अपने Right of Recompense दायित्वों को पूरी तरह से चुका दिया है। इसके लिए कंपनी ने अपने लेंडर्स को ₹101 करोड़ का भुगतान किया है, जिससे कंपनी के पुराने वित्तीय बोझ पूरी तरह से खत्म हो गए हैं।
बोर्ड ने शेयर बायबैक को दी हरी झंडी
कर्ज चुकाने के अलावा, कंपनी के डायरेक्टर्स बोर्ड ने शेयर बायबैक प्रोग्राम को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत, कंपनी 1 करोड़ शेयरों को ₹180 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीदेगी। इस बायबैक के लिए कंपनी ₹180 करोड़ खर्च करेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि कंपनी के प्रमोटर्स इस बायबैक में हिस्सा नहीं लेंगे।
मजबूत वित्तीय स्थिति और ग्रोथ का अनुमान
₹367 करोड़ के कैश सरप्लस के साथ, Rolex Rings अब एक मजबूत वित्तीय स्थिति में है। कंपनी ने FY26 में ₹1,144 करोड़ का स्थिर रेवेन्यू दर्ज किया। अमेरिका में 50% से अधिक के इंपोर्ट टैरिफ जैसी चुनौतियों के बावजूद, यूरोप में लगभग 25% की मजबूत ग्रोथ और घरेलू रेवेन्यू में 50% की जोरदार बढ़ोतरी ने कंपनी के प्रदर्शन को संभाले रखा। FY25 के 49.4% की तुलना में ग्रॉस मार्जिन सुधरकर 51.5% हो गया है, जिसका श्रेय ऑटो कंपोनेंट्स की ओर बढ़ते फोकस और बेहतर रॉ मटेरियल मैनेजमेंट को जाता है। EBITDA मार्जिन भी 20% से ऊपर बना हुआ है।
भविष्य की योजनाएं और जोखिम प्रबंधन
Rolex Rings अब एक औपचारिक डिविडेंड पॉलिसी लागू करने पर विचार कर रही है। कंपनी ने रखरखाव के लिए सालाना कम से कम ₹30-40 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान किया है। वहीं, ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए कंपनी अपने कैश रिजर्व्स को सावधानी से मैनेज करेगी। FY27 की पहली छमाही के लिए कंपनी का मौजूदा ऑर्डर बुक ₹115-125 करोड़ प्रति माह है, और सुरक्षित किए गए कार्यक्रमों से इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मुख्य जोखिमों में मौजूदा भू-राजनीतिक मुद्दे, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और अमेरिका में टैरिफ की अस्थिरता शामिल हैं। कंपनी को उम्मीद है कि Q1 FY27 से अमेरिकी ऑर्डर्स सामान्य हो जाएंगे। कंटेनर की उपलब्धता में मामूली देरी को भी ठीक किया जा रहा है।
बाजार में स्थिति और भविष्य के लक्ष्य
Rolex Rings के पास घरेलू बियरिंग रिंग्स मार्केट का लगभग 30% हिस्सा है, जिसकी कुल कीमत ₹1,600-1,800 करोड़ है। कंपनी अपने एडवांस्ड फोर्जिंग लाइन्स, सीएनसी स्पिंडल और वैल्यू-एडेड प्रक्रियाओं के जरिए इस हिस्सेदारी को 50-70% तक बढ़ाना चाहती है।
निवेशक Q1 FY27 में अमेरिकी ऑर्डर्स की वापसी, नए कार्यक्रमों के विस्तार और डिविडेंड पॉलिसी की स्थापना पर नज़र रखेंगे।
