Rishi Laser ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **72%** की गिरावट के साथ **₹0.50 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है। रेवेन्यू में **3%** की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन बढ़ी हुई लागतों, खासकर कर्मचारी खर्चों ने मुनाफे पर भारी असर डाला। कंपनी ने विस्तार योजनाओं के लिए **₹12 करोड़** जुटाने के लिए वारंट कन्वर्जन भी पूरा कर लिया है।
Rishi Laser के Q1 FY27 नतीजे: लागत बढ़ने से मुनाफा 72% लुढ़का
30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹0.50 करोड़ (यानी ₹49.54 लाख) रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज ₹1.77 करोड़ के मुकाबले 72% की बड़ी गिरावट है।
हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 3% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹42.26 करोड़ (पिछली साल ₹41.03 करोड़) तक पहुंच गया। लेकिन, कुल खर्चे बढ़कर ₹41.83 करोड़ हो गए, जो पिछले साल ₹38.78 करोड़ थे। इनमें सबसे बड़ा इजाफा कर्मचारी लाभ खर्चों (Employee Benefit Expenses) में हुआ, जो ₹9.26 करोड़ तक पहुंच गए, जबकि पिछले साल यह ₹6.88 करोड़ थे।
रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे पर दबाव
जहां एक तरफ रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई, वहीं दूसरी तरफ लागतों में बेतहाशा वृद्धि ने कंपनी के बॉटम लाइन को बुरी तरह प्रभावित किया है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि Rishi Laser इन बढ़ती परिचालन लागतों, खासकर कर्मचारी खर्चों को कैसे मैनेज करती है।
वारंट कन्वर्जन से मिली पूंजी
अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने 8,00,000 वारंट्स को ₹150 प्रति शेयर के भाव पर इक्विटी शेयरों में बदल दिया है। इस कन्वर्जन से कंपनी को ₹12 करोड़ की पूंजी मिली है, जिसका इस्तेमाल विस्तार योजनाओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
आगे क्या?
कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 सितंबर, 2026 को निर्धारित है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। यह देखना अहम होगा कि कंपनी लागतों पर नियंत्रण कैसे करती है, सेल्स ग्रोथ को कैसे बढ़ाती है, और जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल विस्तार योजनाओं में कितनी प्रभावी ढंग से करती है।
