Rishi Laser के नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, प्रॉफिट घटा!
Rishi Laser Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष और तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का पूरे साल का रेवेन्यू 7.23% बढ़कर ₹162.35 करोड़ रहा। लेकिन, Profit After Tax (PAT) पिछले साल के ₹8.25 करोड़ से 55.48% गिरकर ₹3.67 करोड़ पर आ गया।
चौथी तिमाही में बड़ा झटका
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) कंपनी के लिए काफी मुश्किल भरी रही। इस तिमाही में कंपनी को ₹0.26 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल की समान अवधि (Q4 FY25) में ₹3.20 करोड़ का मुनाफा था।
क्यों गिरी प्रॉफिटेबिलिटी?
मुनाफे में आई इस भारी गिरावट, खासकर चौथी तिमाही के नेट लॉस ने, कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेवेन्यू ग्रोथ तो अच्छी है, लेकिन मार्जिन में लगातार गिरावट निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है।
क्या है बैकस्टोरी?
कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी की मुख्य वजह बेंगलुरु में नया मालूर (Malur) प्लांट चालू होना है। यह प्लांट कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टरों की डिमांड पूरी कर रहा है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में एक्सपोर्ट का योगदान लगभग 14% रहा।
आगे क्या?
Rishi Laser अगले तीन सालों में 20% का रेवेन्यू कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। नया मालूर प्लांट इस विस्तार में मदद करेगा। हालांकि, कंपनी को मार्जिन पर आ रहे दबाव को कम करना होगा, जिसके पीछे मैनेजमेंट ने नए लेबर कोड के कारण बढ़े हुए कर्मचारी खर्चों को बताया है।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम मार्जिन पर लगातार दबाव बने रहना है, जिसके कारण Q4 FY26 में नेट लॉस हुआ। बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे, खासकर कर्मचारी खर्च, को प्रभावी ढंग से मैनेज करना होगा। कंपनी को अपनी क्षमता विस्तार को टिकाऊ और प्रॉफिटेबल ग्रोथ में बदलना होगा।
आगे क्या देखें?
निवेशक आने वाली तिमाहियों में Rishi Laser के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन में सुधार कर पाती है, लागत को प्रभावी ढंग से मैनेज कर पाती है, और अपने बताए रेवेन्यू ग्रोथ टारगेट को हासिल कर पाती है।
