Rishi Laser Ltd ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का सालाना रेवेन्यू **7.23%** बढ़कर **₹162.35 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि नए 'मालुर' प्लांट के सेटअप खर्च के कारण नेट प्रॉफिट **55.48%** फिसलकर **₹3.67 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
कंपनी के रेवेन्यू में ₹151.41 करोड़ से बढ़कर ₹162.35 करोड़ तक का उछाल देखने को मिला है। हालांकि, नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹8.25 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹3.67 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह कंपनी का नया 3 एकड़ में फैला 'मालुर' प्लांट है, जिसके कमिशनिंग खर्च ने मुनाफे के मार्जिन को 5.45% से घटाकर 2.26% पर ला खड़ा किया है।
क्यों घबराने की जरूरत नहीं?
मैनेजमेंट के मुताबिक, यह खर्चे वन-ऑफ (एकमुश्त) ट्रांजिशन लागत हैं। कंपनी की नई भर्तियों के चलते एम्प्लॉई बेनिफिट खर्च में 23% और नए कर्ज के कारण फाइनेंस कॉस्ट में 62% का इजाफा हुआ है।
आगे का रास्ता (Future Outlook)
कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर FY27 में मालुर यूनिट से ₹60 करोड़ के रेवेन्यू का टारगेट रखा है, जिसे FY29 तक ₹100 करोड़ तक ले जाने की योजना है। कंपनी अगले तीन सालों में 20% CAGR ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
- EPS (अर्निंग्स पर शेयर): पिछले साल के ₹8.98 से गिरकर ₹4.60 हो गया है।
- जोखिम: कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर पर 50% से ज्यादा की निर्भरता कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क हो सकता है।
- गवर्नेंस: इस साल कंपनी ने कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। आगामी 34वीं एजीएम (AGM) 25 सितंबर 2026 को आयोजित होगी, जिसमें डायरेक्टर के तौर पर महेश सोलंकी की पुनर्नियुक्ति पर चर्चा की जाएगी।
