Riddhi Steel and Tube के हालिया नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी का मुनाफा गिरकर **₹3.54 करोड़** रह गया है, जबकि ऑपरेशनल कैश फ्लो निगेटिव हो गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के नतीजों में साफ तौर पर दबाव दिख रहा है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई छमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹246.80 करोड़ से घटकर ₹137.09 करोड़ पर आ गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹6.08 करोड़ के मुकाबले लुढ़ककर ₹3.54 करोड़ रह गया है। नतीजतन, कंपनी का बेसिक EPS भी ₹7.34 से गिरकर ₹2.84 पर आ गया है।
क्यों बढ़ी निवेशकों की चिंता?
- कैश फ्लो का संकट: कंपनी का नेट ऑपरेटिंग कैश फ्लो -₹17.27 करोड़ रहा है, जो लिक्विडिटी प्रेशर की ओर इशारा करता है।
- बढ़ता कर्ज: कंपनी पर लॉन्ग-टर्म कर्ज का बोझ मार्च 2026 के ₹44.85 करोड़ से बढ़कर अब ₹69.73 करोड़ तक पहुंच गया है।
मैनेजमेंट के कदम
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के तहत, बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए नए ऑडिटर्स की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इसमें M/s. G R Shah & Associates को सेक्रेटेरियल ऑडिटर और M/s. C. P. Shah & Associates को इंटरनल ऑडिटर नियुक्त किया गया है, जो 4 नवंबर, 2026 से प्रभावी हैं।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने गिरते मार्जिन और बढ़ते कर्ज को मैनेज करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।
