Riddhi Siddhi Gluco Biols के Q2 FY26 नतीजों में Cargill India के स्टार्च डिवीजन के एकीकरण से रेवेन्यू तो बढ़ा, लेकिन मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी ने अब **75%** पब्लिक शेयरहोल्डिंग का नियम पूरा कर लिया है, हालांकि दिसंबर 2026 तक SEBI की मार्केट रेस्ट्रिक्शन जारी है।
Q2 के वित्तीय आंकड़े: एक नजर में
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए कंपनी के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹25.27 करोड़ से बढ़कर ₹58.43 करोड़ पर पहुंच गया है, वहीं कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹66.49 करोड़ रहा। हालांकि, टॉप-लाइन में इस वृद्धि के बावजूद मुनाफे पर दबाव दिखा है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट घटकर ₹17.68 करोड़ (पिछले वर्ष ₹23.95 करोड़) और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹6.85 करोड़ (पिछले वर्ष ₹13.75 करोड़) रह गया है।
कारोबार में बड़े बदलाव
रेवेन्यू में यह उछाल अप्रैल 2026 में Cargill India से अधिग्रहित किए गए स्टार्च बिजनेस के सफल एकीकरण का नतीजा है। साथ ही, कंपनी ने एनर्जी सेक्टर में डाइवर्सिफिकेशन के लिए जुलाई 2026 में Clean Max Pluto Solar Power LLP में 26% हिस्सेदारी खरीदी है। कॉर्पोरेट गवर्नेंस की दिशा में, Vital Connections LLP द्वारा हिस्सेदारी बेचने के बाद कंपनी ने मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के 75% के नियम को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चेतावनी
निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि Securities Appellate Tribunal (SAT) द्वारा लगाया गया मार्केट रेस्ट्रिक्शन अभी भी सक्रिय है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखी गई यह पाबंदी कंपनी को 23 दिसंबर 2026 तक शेयर बाजार में कामकाज करने से रोकती है। इसके अलावा, अहमदाबाद के Income Tax Appellate Tribunal में ₹3.08 करोड़ के विवादित टैक्स डिमांड का मामला भी पेंडिंग है।
आगे की राह
दिसंबर 2026 में जब मार्केट रेस्ट्रिक्शन की अवधि समाप्त होगी, तब निवेशकों को नई दिशा मिल सकती है। फिलहाल, बाजार की नजर इस पर है कि स्टार्च डिवीजन का पूर्ण ऑपरेशन कंपनी के बॉटम लाइन को आने वाली तिमाहियों में कैसे सपोर्ट करता है।
