Rico Auto का दमदार प्रदर्शन, FY26 में ₹2,477 करोड़ का रेवेन्यू
Rico Auto Industries ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹2,477 करोड़ का सालाना रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 12% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹52.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹19.2 करोड़ से काफी बेहतर है।
₹2,500 करोड़ के नए ऑर्डर से भविष्य हुआ मजबूत
कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि उन्होंने ₹2,500 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। ये ऑर्डर पांच साल की अवधि के लिए हैं, जिससे कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू की राह और भी साफ हो गई है। इन ऑर्डर्स से कंपनी की भविष्य की कमाई की विजिबिलिटी (visibility) बढ़ी है।
वर्किंग कैपिटल में बड़ा सुधार
ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) के लिहाज से कंपनी ने अपने वर्किंग कैपिटल डेज़ (working capital days) में जबरदस्त सुधार किया है। यह आंकड़ा पिछले साल के 33 दिनों से घटकर सिर्फ 7 दिन रह गया है। यह बेहतर कैश फ्लो मैनेजमेंट और कामकाज में कसावट का संकेत देता है।
एकमुश्त खर्चों का असर
FY26 में कंपनी के प्रॉफिट पर कुछ एकमुश्त (one-time) खर्चों का भी असर पड़ा है। इसमें लेबर कोड (Labour Code) से जुड़े ₹11 करोड़ और लैग सेटलमेंट (Lag Settlements) के ₹19 करोड़ शामिल हैं, जिनका कुल भार ₹30 करोड़ रहा। इन खर्चों के बावजूद, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 9% से बढ़कर 10.25% हो गया है।
आगे क्या?
नए ऑर्डर्स के दम पर Rico Auto अब अपने रेवेन्यू को ₹3,000 करोड़ से ऊपर ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें 10% से अधिक मार्जिन की उम्मीद है। कंपनी रेलवे और डिफेंस जैसे नए सेक्टर्स में भी विस्तार पर जोर दे रही है, जिन्हें भविष्य का ग्रोथ इंजन माना जा रहा है। इसके अलावा, कंपनी अगले तीन सालों में अपने ₹686 करोड़ के नेट डेट (Net Debt) को सालाना करीब ₹120 करोड़ कम करने की योजना बना रही है।
जोखिम (Risks to Watch)
कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन के लिए एक चुनौती बना रह सकता है। वहीं, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं (geopolitical uncertainty) ग्रोथ की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती हैं। रेलवे और डिफेंस सेगमेंट का सफल विस्तार और क्लाइंट्स से समय पर अप्रूवल मिलना भी महत्वपूर्ण होगा।
