Revati Media Share Price: कंपनी घाटे में, 28 साल पुराने मुद्दे अभी भी अटके

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AuthorNeha Patil|Published at:
Revati Media Share Price: कंपनी घाटे में, 28 साल पुराने मुद्दे अभी भी अटके

Revati Media लिमिटेड इस तिमाही में भी पूरी तरह नॉन-ऑपरेशनल रही, जिससे कंपनी को **₹7.04 लाख** का नेट लॉस हुआ है। खास बात यह है कि कंपनी की आय शून्य रही। ऑडिटर्स ने **1998** में जब्त हुई पुरानी संपत्तियों और लोन की अस्पष्ट देनदारियों पर चिंता जताई है।

Revati Media की वित्तीय स्थिति

Revati Media लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी इस दौरान पूरी तरह से नॉन-ऑपरेशनल रही, जिसका मतलब है कि कंपनी से कोई रेवेन्यू जनरेट नहीं हुआ। नतीजतन, कंपनी को ₹7.04 लाख का नेट लॉस हुआ है। बेसिक EPS (Earnings Per Share) (₹0.23) रहा।

पुराने मुद्दे अभी भी चिंता का विषय

ऑडिटर्स ने कंपनी की फिक्स्ड एसेट्स, जिनकी वैल्यू ₹52.35 लाख है, पर एक खास चिंता जताई है। इन संपत्तियों में जमीन, बिल्डिंग, प्लांट और मशीनरी शामिल हैं, जिन्हें महाराष्ट्र स्टेट फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन (MSFC) ने 1998 में अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बावजूद, कंपनी ने इन्हें अपनी बुक्स से राइट-ऑफ नहीं किया है।

इसके अलावा, MSFC से ₹103.76 लाख और SICOM लिमिटेड से ₹16.24 लाख का सिक्योर्ड लोन अभी भी कंपनी की बैलेंस शीट पर बना हुआ है। ऑडिटर्स का कहना है कि डेटा की कमी के कारण MSFC और SICOM को देय कुल राशि का पता लगाना मुश्किल हो रहा है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय जोखिम पैदा करता है।

आगे क्या?

फिलहाल, कंपनी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और यह नॉन-ऑपरेशनल बनी हुई है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पुराने वित्तीय मामलों को सुलझाना है। निवेशकों को भविष्य में आने वाले किसी भी फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें इन लंबित मुद्दों के समाधान का संकेत मिल सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.