Revathi Equipment India के नतीजों में सुस्ती देखने को मिली है। FY26 में कंपनी का प्रॉफिट घटकर **₹13.84 करोड़** रह गया, साथ ही रेवेन्यू में भी **17%** की गिरावट आई है।
बिगड़ते फाइनेंशियल आंकड़े
कंपनी ने अपने FY26 के नतीजों में कमजोर परफॉर्मेंस दिखाई है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹188.84 करोड़ से घटकर ₹156.29 करोड़ रह गया है, जबकि नेट प्रॉफिट ₹20.18 करोड़ से गिरकर ₹13.84 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट के बीच, CARE Ratings ने कंपनी की बैंक सुविधाओं की रेटिंग को घटाकर लॉन्ग-टर्म के लिए CARE BBB और शॉर्ट-टर्म के लिए CARE A3+ कर दिया है।
कारोबार पर संकट
इस परफॉर्मेंस के पीछे मुख्य वजह क्लाइंट्स द्वारा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को टालना है। इसका असर स्टैंडअलोन रेवेन्यू पर पड़ा है, जिसमें 21.90% की बड़ी गिरावट आई है। कंपनी के एक्सपोर्ट्स में 30% और घरेलू बिक्री में 17% की कमी देखी गई है। अब कंपनी 'पे-पर-मीटर' (pay-per-meter) बिजनेस मॉडल पर दांव लगा रही है, हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि इससे वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ सकती है।
मैनेजमेंट में बदलाव और रिस्क
FY26 के बाद से कंपनी में बड़े फेरबदल हुए हैं। CFO सुधीर राजू और कंपनी सेक्रेटरी निशांत रामकृष्णन के इस्तीफे के बाद महेश गुप्ता और माधवी सिंह ने जिम्मेदारी संभाली है। निवेशकों को कंपनी की 'कस्टमर कंसंट्रेशन रिस्क' और प्रमोटर ग्रुप को दी गई कॉरपोरेट गारंटी पर भी नजर रखनी होगी, जो लिक्विडिटी के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
