Resourceful Automobile ने FY26 में **25%** रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹26.26 करोड़** का आंकड़ा छुआ है, वहीं मुनाफा भी **19%** बढ़कर **₹1.51 करोड़** हो गया। हालांकि, ऑडिटर की रिपोर्ट में इंटरनल कंट्रोल्स में बड़ी खामियां और भारी टैक्स बकाया का खुलासा हुआ है।
Resourceful Automobile Limited: FY26 ग्रोथ के साथ गवर्नेंस पर उठे सवाल
Resourceful Automobile Limited ने FY 2025-26 के लिए अपने सालाना नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹20.99 करोड़ की तुलना में 25.05% बढ़कर ₹26.26 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) 19.20% की छलांग लगाकर ₹1.27 करोड़ से ₹1.51 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी 19.29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹5.69 रहा। इसके अलावा, जुलाई 2025 में दिल्ली के तिलक नगर में एक नए शोरूम का उद्घाटन भी हुआ।
क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है?
जहां एक ओर कंपनी के नतीजे कारोबारी बढ़त और विस्तार की ओर इशारा कर रहे हैं, वहीं ऑडिटर की टिप्पणियां गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। स्टेटुटरी ऑडिटर ने फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर इंटरनल कंट्रोल्स में 'मटेरियल वीकनेस' (बड़ी कमजोरी) पाई है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है। इसके अलावा, GST और इनकम टैक्स के रूप में भारी टैक्स बकाया भी तुरंत ध्यान देने की मांग करता है। कंपनी द्वारा डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला भी इन्हीं देनदारियों के चलते कैश बचाने पर फोकस करने का संकेत देता है।
पूरी कहानी
Resourceful Automobile ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम करती है, जो मुख्य रूप से बिक्री और सर्विस पर केंद्रित है। कंपनी नए शोरूम खोलकर अपने फिजिकल फुटप्रिंट का विस्तार कर रही है। हालांकि, यह ग्रोथ ऑडिटर द्वारा नियंत्रण कमजोरियों और टैक्स नियमों के अनुपालन में खामियों पर जोर दिए जाने से थोड़ी फीकी पड़ गई है। इस दौरान कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर में भी बदलाव हुआ है, जिसमें M/s Nahar V & Co. को कैजुअल वैकेंसी भरने के लिए नियुक्त किया गया।
आगे क्या बदलेगा?
निवेशक मैनेजमेंट से ऑडिटर की चिंताओं पर प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार करेंगे। कंपनी को इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में मटेरियल वीकनेस और पहचान की गई कंप्लायंस गैप्स को दूर करने के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही, बकाया टैक्स देनदारियों का समाधान कंपनी की वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा। डायरेक्टर्स के रेमुनरेशन स्ट्रक्चर के प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी की भी आवश्यकता होगी, जो तय सीमा से अधिक हैं।
जोखिमों पर एक नजर
मुख्य जोखिम इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स में पाई गई 'मटेरियल वीकनेस' से उत्पन्न होते हैं, जो गलतियों या धोखाधड़ी का कारण बन सकती हैं। महत्वपूर्ण बकाया टैक्स देनदारियां (FY23-24 के लिए ₹85.92 लाख GST और ₹109.11 लाख इनकम टैक्स, साथ ही FY24-25 का बकाया) एक बड़ा वित्तीय बोझ और संभावित कानूनी जोखिम पेश करती हैं यदि उनका निपटारा नहीं किया गया। पिछले ऑडिटर का इस्तीफा और नए ऑडिटर की नियुक्ति भी ध्यान देने योग्य है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को भविष्य के नतीजों में लगातार रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ पर नजर रखनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात, उन्हें कंपनी की इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स को मजबूत करने की योजनाओं और बकाया टैक्स मांगों के निपटारे में हुई प्रगति पर अपडेट देखना होगा। डायरेक्टर रेमुनरेशन पर शेयरधारक वोटों का परिणाम भी महत्वपूर्ण होगा।
