Remi Edelstahl Tubulars ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 8.33 लाख शेयर जारी कर ₹14.99 करोड़ जुटाए हैं। हालांकि, फंड न मिलने के कारण कंपनी ने कनवर्टिबल वारंट जारी करने का अपना फैसला वापस ले लिया है।
इक्विटी से आया फंड
कंपनी ने 8,33,331 इक्विटी शेयरों को ₹180 प्रति शेयर की कीमत पर जारी किया है, जिससे कंपनी के खजाने में ₹14.99 करोड़ आए हैं। इन शेयरों का फेस वैल्यू ₹10 है और इन्हें ₹170 के प्रीमियम पर जारी किया गया है। यह फंड प्रमोटर ग्रुप और अन्य निवेशकों से जुटाया गया है।
कौन बना हिस्सेदार?
इस अलॉटमेंट में प्रमोटर ग्रुप की Hanuman Freight & Carriers और Skyrise Mercantile ने हिस्सा लिया है। इसके अलावा, Jay Bharat Mehta, J B Mody Enterprises LLP और SNS Ventures LLP भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे। SEBI के नियमों के तहत ये शेयर एक निश्चित लॉक-इन पीरियड में रहेंगे।
वारंट इश्यू क्यों हुआ रद्द?
एक तरफ जहां कंपनी ने इक्विटी से पैसा जुटा लिया है, वहीं कनवर्टिबल वारंट जारी करने की योजना फेल हो गई है। इसका मुख्य कारण एक प्रस्तावित अलॉटी द्वारा समय पर फंड जमा न करना रहा। मैनेजमेंट ने इसे रद्द करने का फैसला लिया ताकि आगे किसी तरह का भ्रम न रहे।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही कंपनी की बैलेंस शीट में ₹15 करोड़ की नकदी आई है, लेकिन वारंट इश्यू का रद्द होना मैनेजमेंट की फंड रेजिंग प्लानिंग पर सवाल खड़े करता है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी भविष्य में कैसे नए फंडिंग सोर्स तलाशती है और इस पूंजी का इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
