Regency Ceramics: कंपनी को भारी घाटा, प्रमोटर्स से लेगी **₹200 करोड़** का कर्ज

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Regency Ceramics: कंपनी को भारी घाटा, प्रमोटर्स से लेगी **₹200 करोड़** का कर्ज

Regency Ceramics के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 मुश्किलों भरा रहा है। कंपनी ने **₹23.84 करोड़** का घाटा दर्ज किया है और कामकाज चलाने के लिए प्रमोटर्स से **₹200 करोड़** का बिना ब्याज वाला कर्ज लेने की तैयारी में है।

बिगड़ते वित्तीय हालात

कंपनी ने अपने 42वें AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) का नोटिस जारी कर दिया है, जो 30 सितंबर, 2026 को होने वाली है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़कर ₹38.27 करोड़ रहा, लेकिन खर्च बेतहाशा बढ़कर ₹66.19 करोड़ पहुंच गया। इसके चलते कंपनी को पिछले साल के ₹2.25 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले इस बार ₹23.84 करोड़ का भारी नेट लॉस हुआ है।

प्रमोटर्स का सहारा

वर्किंग कैपिटल की तंगी से जूझ रही कंपनी अब मैनेजिंग डायरेक्टर नराला सत्येंद्र प्रसाद और प्रमोटर राधिका प्रसाद नराला से ₹100-100 करोड़ यानी कुल ₹200 करोड़ का असुरक्षित और ब्याज-मुक्त कर्ज लेने की योजना बना रही है। इसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगी गई है।

ऑडिटर ने उठाए गंभीर सवाल

कंपनी के ऑडिटर्स ने अपनी 'क्वालिफाइड ओपिनियन' में कई रेड फ्लैग्स खड़े किए हैं। इसमें एसेट इंपेयरमेंट का आंकलन न होना, 2012 के लॉकआउट से जुड़े कर्मचारियों की देनदारियों का प्रोविजन न बनाना और ट्रेड रिसीवेबल्स की पुष्टि न होना शामिल है।

आगे की चुनौतियां

इन्वेस्टर्स को Madras High Court में चल रहे इंश्योरेंस केस और यनम (Yanam) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। ऑडिटर द्वारा इन्वेंट्री वैल्यूएशन की पुष्टि न कर पाना और कानूनी पेनल्टी का बढ़ता बोझ कंपनी के बैलेंस शीट के लिए भविष्य में बड़ा खतरा बन सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.