Refex Industries के Q2 FY27 के नतीजे काफी मजबूत रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **36%** बढ़कर **₹560 करोड़** पहुंच गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने एसेट-लाइट मॉडल के जरिए रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) सेक्टर में कदम रखने का ऐलान किया है।
शानदार ग्रोथ और नए कारोबार की शुरुआत
Refex Industries ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू ₹560 करोड़ रहा, जबकि पहली छमाही (H1 FY27) का कुल रेवेन्यू ₹1,179 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 55% अधिक है। कंपनी अब अपने कोर ऐश (Ash) और कोल हैंडलिंग कारोबार से आगे बढ़कर रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) सेक्टर में भी उतर रही है। इसके लिए कंपनी एसेट-लाइट लीज मॉडल अपना रही है, जिसकी शुरुआत पुणे से हो चुकी है और अब इसे कर्नाटक और मुंबई तक ले जाने की योजना है।
गवर्नेंस और कॉर्पोरेट अपडेट्स
निवेशकों के बीच प्रमोटर शेयर प्लेजिंग को लेकर चिंता बनी हुई है। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि फिलहाल 50% प्रमोटर होल्डिंग गिरवी है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से अधिग्रहण (Acquisition) फाइनेंसिंग के लिए किया गया था। कंपनी का दावा है कि अगले 3 से 5 महीनों में यह आंकड़ा काफी कम हो जाएगा। वहीं, कंपनी का डिमर्जर प्रोसेस भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और 11 नवंबर, 2026 को NCLT की सुनवाई होने वाली है।
रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें
निवेशकों को कंपनी के वर्किंग कैपिटल पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल ट्रेड रिसीवेबल्स ₹1,250 करोड़ पर हैं, जो कि एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस की ओर इशारा करते हैं। हालांकि मैनेजमेंट का कहना है कि अभी तक कोई बैड डेट (Bad Debt) नहीं है और कलेक्शन साइकिल 130 दिन की है।
आगे क्या देखें?
आने वाले समय में 11 नवंबर को होने वाली NCLT की सुनवाई और प्रमोटर प्लेजिंग कम करने पर कंपनी के आधिकारिक अपडेट्स पर सबकी नजर रहेगी।
