Refex Industries ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **84%** की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और नेट प्रॉफिट **₹59.55 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी अपने रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर तेजी से काम कर रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
सितंबर 2026 की तिमाही के लिए कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। कंपनी का रेवेन्यू ₹761.31 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 84% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹59.55 करोड़ हो गया है, जो कि पिछले फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में ₹45.84 करोड़ था।
रीस्ट्रक्चरिंग का बड़ा दांव
कंपनी वर्तमान में एक बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग दौर से गुजर रही है, जिसमें Refex Green Mobility Limited का समामेलन (amalgamation) शामिल है। कंपनी ने अपने 'पावर ट्रेडिंग' और 'रेफ्रिजरेंट गैस' सेगमेंट को 'डिसकंटीन्यूड ऑपरेशन्स' के रूप में वर्गीकृत किया है, जो बिजनेस के फोकस में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। यह पूरी प्रक्रिया अभी NCLT की मंजूरी के अधीन है।
छमाही नतीजे (H1 Metrics)
वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1) के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹134.08 करोड़ रहा है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹75.07 करोड़ था। इस अवधि के लिए कुल रेवेन्यू ₹1,677.62 करोड़ रहा है।
आगे की राह और जोखिम
निवेशकों के लिए सबसे अहम NCLT से मिलने वाली मंजूरी है। जब तक यह कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक बिजनेस के अलग-अलग सेगमेंट का वित्तीय प्रभाव बैलेंस शीट पर बना रहेगा। शेयरधारकों को अब NCLT की अगली सुनवाइयों और इस मर्जर प्रक्रिया के पूर्ण होने का इंतजार करना चाहिए।
