Raymond Ltd FY26: डीमर्जर के बीच रेवेन्यू में 13.6% की बढ़त, इंजीनियरिंग पर फोकस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Raymond Ltd FY26: डीमर्जर के बीच रेवेन्यू में 13.6% की बढ़त, इंजीनियरिंग पर फोकस

Raymond Ltd ने FY26 के लिए अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **13.6%** की बढ़त दर्ज की है, जो ₹2,212.1 करोड़ रहा। वहीं, लाइफस्टाइल और रियल एस्टेट व्यवसायों के डीमर्जर के चलते स्टैंडअलोन रेवेन्यू में **30%** की गिरावट आई है।

Raymond Ltd FY26 नतीजे: पुनर्गठन के बीच इंजीनियरिंग पर अब मुख्य ध्यान

कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹2,212.1 करोड़ | स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹4.25 करोड़

निवेशकों के लिए खास: मजबूत एयरोस्पेस ऑर्डर से ग्रोथ की उम्मीद, लेकिन कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और इनपुट कॉस्ट पर नज़र रखनी होगी।

क्या हुआ?

Raymond Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.6% बढ़कर ₹2,212.1 करोड़ हो गया है। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 30% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹4.25 करोड़ पर आ गया। कंपनी ने ₹53.54 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो पिछले साल से 2.9% अधिक है। हालांकि, स्टैंडअलोन PAT पिछले साल के मुनाफे से घटकर ₹13.21 करोड़ के घाटे में चला गया है।

क्यों है ये अहम?

इन नतीजों पर Raymond के लाइफस्टाइल और रियल एस्टेट व्यवसायों के अलग एंटिटी में डीमर्जर का बड़ा असर है। कंसोलिडेटेड आंकड़े अब मुख्य रूप से बचे हुए इंजीनियरिंग और संबंधित व्यवसायों के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। कंपनी अपने एयरोस्पेस एंड डिफेंस सेगमेंट पर जोर दे रही है, जिसका ऑर्डर बुक ₹2,350 करोड़ से अधिक है।

पूरी कहानी

Raymond ने अपने लाइफस्टाइल और रियल एस्टेट डिवीजनों को अलग-अलग एंटिटीज में डीमर्ज किया है ताकि हर बिजनेस का प्रबंधन और कैपिटल स्ट्रक्चर बेहतर हो सके। इस स्ट्रैटेजिक कदम का मकसद वैल्यू अनलॉक करना और मुख्य इंजीनियरिंग बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना है।

अब क्या बदलेगा?

अब कंसोलिडेटेड एंटिटी अपने इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस वर्टिकल्स पर ध्यान केंद्रित करेगी। आंध्र प्रदेश और गुडीपाल्ली में अपनी एयरोस्पेस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लगभग ₹1,000 करोड़ के निवेश की योजना है।

जोखिम पर नज़र

निवेशकों को ₹1,000 करोड़ के विस्तार के लिए किए जाने वाले बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) पर नजर रखनी चाहिए, जिससे थोड़े समय के लिए वित्तीय दबाव आ सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव से प्रिसिजन इंजीनियरिंग और एयरोस्पेस सेगमेंट में ऑपरेटिंग मार्जिन को जोखिम हो सकता है।

ऑडिटर की टिप्पणी

M/s Price Waterhouse Chartered Accountants LLP को पांच साल के लिए स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए उनकी रिपोर्ट में कोई क्वालिफिकेशन, रिजर्वेशन या एडवर्स रिमार्क नहीं थे।

मुख्य आंकड़े (समय-सीमा के साथ)

FY 2025-26 के लिए, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,212.1 करोड़ (FY 2024-25 के ₹1,946.84 करोड़ से 13.6% ऊपर) रहा। कंसोलिडेटेड PAT ₹53.54 करोड़ (₹52.02 करोड़ से 2.9% ऊपर) था। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹4.25 करोड़ (₹6.09 करोड़ से 30% नीचे) था, और स्टैंडअलोन PAT ₹13.21 करोड़ के घाटे में था (जो पिछले साल के ₹35.94 करोड़ के मुनाफे की तुलना में है)।

आगे क्या देखना है

निवेशक विस्तार के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) के एग्जीक्यूशन को देखना चाहेंगे और यह भी कि Raymond अपने ऑपरेशंस को कैसे इंटीग्रेट करता है ताकि मजबूत एयरोस्पेस ऑर्डर बुक का लाभ उठाया जा सके। इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता को मैनेज करना भी प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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