Ratnaveer Precision Engineering: ₹330 करोड़ के राइट्स इश्यू का ऐलान, वर्किंग कैपिटल और नए प्रोजेक्ट के लिए जुटाएगी फंड

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AuthorMehul Desai|Published at:
Ratnaveer Precision Engineering: ₹330 करोड़ के राइट्स इश्यू का ऐलान, वर्किंग कैपिटल और नए प्रोजेक्ट के लिए जुटाएगी फंड

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Ratnaveer Precision Engineering ने ₹330 करोड़ तक के फंड जुटाने के लिए राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाने की घोषणा की है। इस पैसे का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने और एक नए कॉपर लैमिनेट प्रोजेक्ट (Copper Laminate Project) में किया जाएगा। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹1068.74 करोड़ का रेवेन्यू और ₹64.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।

Ratnaveer Precision Engineering की बड़ी योजना

Ratnaveer Precision Engineering ने यह ऐलान किया है कि वह राइट्स इश्यू के जरिए ₹330 करोड़ तक की रकम जुटाने की तैयारी में है। कंपनी को इस फंड जुटाने की प्रक्रिया के लिए BSE और NSE से सैद्धांतिक मंजूरी (in-principle approvals) मिल चुकी है।

फंड का इस्तेमाल और प्रमोटर्स का भरोसा

इस राइट्स इश्यू से जुटाई गई कुल रकम में से ₹255 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। खास बात यह है कि कंपनी के प्रमोटर्स (Promoters) ने अपनी पूरी हिस्सेदारी सब्सक्राइब करने का इरादा जताया है, जो कंपनी के भविष्य के प्रति उनका मजबूत भरोसा दिखाता है।

विस्तार और नए प्रोजेक्ट पर फोकस

यह नई पूंजी कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी। इसके अलावा, कंपनी एक बिल्कुल नए रेवेन्यू सेगमेंट - कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (CCL) के निर्माण - में उतर रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लक्ष्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है।

कंपनी का पिछला प्रदर्शन

Ratnaveer Precision Engineering मुख्य रूप से स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) के उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी अपनी लागतों और सप्लाई चेन को नियंत्रित करने के लिए स्टील स्क्रैप को सीधे इनगॉट्स, शीट्स और वाशर में बदलने की बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) रणनीति अपनाती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कंपनी ने ₹1068.74 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue from Operations) और ₹64.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी पर कुल ₹590.11 करोड़ का कर्ज था, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) 30 अप्रैल 2026 तक 0.67 था।

भविष्य की योजनाएं

राइट्स इश्यू से मिलने वाली पूंजी से कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं और ऑपरेशनल सुधारों को गति देगी। गुजरात में नया CCL मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट नवंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे 60 से अधिक कुशल और अर्ध-कुशल नौकरियों का सृजन होगा।

निवेशकों के लिए जोखिम

हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा कुछ प्रमुख ग्राहकों से आता है, और उनके साथ सभी के लिए दीर्घकालिक अनुबंध (long-term contracts) नहीं हैं। कंपनी पर कर्ज का स्तर भी है (डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.67)। इसके अलावा, 29 टैक्स केस (Tax Cases) लंबित हैं, जो एक चिंता का विषय हो सकता है। स्टेनलेस स्टील कॉइल जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी सप्लाई चेन के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

आगे क्या देखें

निवेशकों को CCL प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन की प्रगति और उसके रेवेन्यू में योगदान पर नज़र रखनी चाहिए। कंपनी की कर्ज प्रबंधन क्षमता और लंबित टैक्स मुकदमों से निपटने की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, ग्राहक एकाग्रता (customer concentration) और कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता के बीच मार्जिन बनाए रखना भी प्रमुख कारक होंगे।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.