Ratnaveer Precision Engineering का बड़ा प्लान: 3 साल में ₹2500 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य, लॉन्च होगा नया CCL प्रोजेक्ट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Ratnaveer Precision Engineering का बड़ा प्लान: 3 साल में ₹2500 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य, लॉन्च होगा नया CCL प्रोजेक्ट
Overview

Ratnaveer Precision Engineering ने अगले 3 सालों में ₹2500 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में कंपनी के मौजूदा स्टेनलेस स्टील बिजनेस के साथ-साथ एक नया कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (CCL) प्रोजेक्ट भी मदद करेगा, जो नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है और इसका मकसद इंपोर्ट को रिप्लेस करना है।

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Ratnaveer Precision Engineering का ₹2500 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य, नए CCL वेंचर के साथ

Ratnaveer Precision Engineering ने अगले तीन सालों में ₹2500 करोड़ का कंसोलिडेटेड टॉप-लाइन (top line) हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को उसके मौजूदा स्टेनलेस स्टील बिजनेस से लगातार ग्रोथ और कॉपर क्लैड लैमिनेट्स (CCL) सेक्टर में रणनीतिक एंट्री से गति मिलेगी। कंपनी को उम्मीद है कि स्टेनलेस स्टील बिजनेस से ₹1800 करोड़ का योगदान आएगा, जबकि CCL सेक्टर से ₹750 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है।

क्या हो रहा है?

हालिया अर्निंग्स कॉल (earnings call) के दौरान Ratnaveer Precision Engineering ने अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी का खुलासा किया। कंपनी की योजना है कि उसका नया CCL प्रोजेक्ट नवंबर 2026 तक प्रोडक्शन शुरू कर दे। स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट लाइन्स में ग्रोथ के साथ यह विस्तार कंपनी के रेवेन्यू लक्ष्यों को मजबूती देगा।

क्यों है ये अहम?

इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए महत्वपूर्ण CCL मार्केट में कंपनी का कदम एक डायवर्सिफिकेशन (diversification) का प्रयास है। अगर यह सफल होता है, तो Ratnaveer के रेवेन्यू और मार्केट पोजिशन में काफी इजाफा हो सकता है, साथ ही भारत की CCL इंपोर्ट पर निर्भरता कम हो सकती है। कंपनी ने 13-14% का कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन का अनुमान लगाया है, जिसमें CCL सेगमेंट से 20% EBITDA और 13% PAT मार्जिन का लक्ष्य रखा गया है। यह इस वेंचर की प्रॉफिट क्षमता को दर्शाता है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

साल 2002 में स्थापित, Ratnaveer Precision Engineering स्टेनलेस स्टील वाशर, फास्टनर्स और शीट मेटल कंपोनेंट्स का एक प्रमुख भारतीय उत्पादक है। कंपनी रेलवे, ऑटोमोटिव और डिफेंस जैसे सेक्टर्स को अपनी सेवाएं देती है। पिछले तीन सालों में कंपनी ने रेवेन्यू, EBITDA और PAT में 25% से अधिक के CAGR के साथ मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दिखाई है। Ratnaveer एक यूरोपीय कंपनी के अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है।

मुख्य विकास

कंपनी अपनी 'Capex 1', 'Capex 2', और 'Capex 2A' प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। CCL प्रोजेक्ट, जिसमें एक चीनी कंपनी के साथ टेक्नोलॉजिकल पार्टनरशिप शामिल है, एक प्रमुख नई पहल है। Ratnaveer CCL प्रोजेक्ट के लिए लगभग ₹351 करोड़ और सोलर पावर इंस्टॉलेशन के लिए ₹46 करोड़ का निवेश कर रही है। कंपनी ₹330 करोड़ के QIP और प्रमोटर द्वारा वारंट्स के जरिए ₹120 करोड़ के फंड जुटाने की भी योजना बना रही है।

संभावित जोखिम

ध्यान देने योग्य जोखिमों में CCL प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन की समय-सीमा शामिल है, जो मशीनरी डिलीवरी और संभावित मौसम संबंधी प्रभावों पर निर्भर करती है। ट्रेड रिसीवेबल्स (trade receivables) में उल्लेखनीय वृद्धि वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट (working capital management) में संभावित चुनौतियों का भी संकेत देती है। PCB निर्माताओं के लिए इंपोर्टेड रॉ मैटेरियल्स पर निर्भरता और विदेशी मुद्रा जोखिम (foreign exchange risks) पर भी विचार करना होगा।

आगे क्या देखें?

निवेशक CCL प्रोजेक्ट की प्रगति पर ध्यान देंगे, खासकर मशीनरी इंस्टॉलेशन और प्रोडक्शन स्टार्ट डेट्स पर। ट्रेड रिसीवेबल्स और समग्र वर्किंग कैपिटल एफिशिएंसी का प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा। संभावित यूरोपीय अधिग्रहण और फंड जुटाने के प्रयासों की सफलता पर अपडेट भी अहम संकेतकों के रूप में देखे जाएंगे।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.