Rathi Steel & Power FY26 नतीजे उम्मीदों से बेहतर
FY26 कुल आय: ₹716 करोड़ (+41.7% YoY)
FY26 PAT: ₹12.87 करोड़ (+39.24% YoY)
क्या हुआ?
Rathi Steel & Power Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन दोनों में ज़बरदस्त सुधार दिखाया है। पूरे साल के लिए कुल आय 41.7% बढ़कर ₹716 करोड़ हो गई, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 39.24% की बढ़ोतरी के साथ ₹12.87 करोड़ रहा। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा, जिसमें कुल आय 63.3% YoY बढ़कर ₹244.57 करोड़ और EBITDA 22% YoY और 54% QoQ बढ़ा।
क्यों मायने रखता है?
ये नतीजे Rathi Steel & Power के लिए एक सफल ऑपरेशनल टर्नअराउंड का संकेत देते हैं। उत्पादन की मात्रा बढ़ने और डायरेक्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी जैसी दक्षता में सुधार के कारण आय और मुनाफे में हुई यह बड़ी बढ़ोतरी शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स और संस्थागत खरीदारों के सेगमेंट को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे मार्जिन में सुधार और लगातार ग्रोथ की उम्मीद है।
बैकस्टोरी
कंपनी के रोलिंग मिल उत्पादन की मात्रा में 117% की ज़बरदस्त साल-दर-साल बढ़ोतरी देखी गई, जिसका मुख्य कारण TMT बार मिल का सफल पुनरारंभ रहा। डायरेक्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से TMT बार की बिक्री मूल्य पर 6-7% की बचत होने का अनुमान है, जो प्रति टन ₹3,000 से ₹4,000 तक हो सकती है। वर्तमान में रोलिंग मिल और स्टील मेल्टिंग शॉप की क्षमता का उपयोग लगभग 51-53% है, और अगले वित्तीय वर्ष में इसे 65-70% तक पहुंचाने की योजना है।
अब क्या बदलेगा?
मैनेजमेंट ने FY25 के आंकड़ों के आधार पर अगले तीन वर्षों में 20-25% CAGR की महत्वाकांक्षी ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। रणनीतिक प्राथमिकताओं में 550D TMT बार के साथ उत्पाद मिश्रण को प्रीमियम बनाना और संस्थागत खरीदारों को टारगेट करना शामिल है, खासकर वे जो ग्रीन-सर्टिफाइड स्टील की तलाश में हैं। कंपनी अपनी मौजूदा 16% की उधारी लागत को कम करने के लिए डेट रीफाइनेंसिंग पर भी सक्रिय रूप से विचार कर रही है।
जोखिम
कुछ महत्वपूर्ण बातों पर नज़र रखने की ज़रूरत है। इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित चल रहे GST विवाद एक रेगुलेटरी जोखिम पेश करते हैं, हालांकि मैनेजमेंट को भरोसा है। वैश्विक ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव परिचालन लागत को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, कंपनी का वर्तमान में एक ही ऋणदाता पर निर्भरता उसकी उधारी लागत को प्रभावित करती है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक इस बात को देखने के लिए उत्सुक होंगे कि Rathi Steel अगले साल 65-70% क्षमता उपयोग के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाती है या नहीं। उधारी लागत को कम करने के लिए डेट रीफाइनेंसिंग पर प्रगति और GST विवादों का समाधान भी महत्वपूर्ण होगा। संस्थागत खरीदारों के आधार और प्रीमियम उत्पाद पेशकशों के विस्तार में कंपनी की सफलता भविष्य के प्रदर्शन के प्रमुख संकेतक होंगे।
