Rathi Bars संकट में: ₹11.52 करोड़ का घाटा, ऑपरेशंस ठप!
Rathi Bars Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) बेहद निराशाजनक रहा है। कंपनी ने पिछले साल के ₹2.57 करोड़ के मुनाफे (Profit) के मुकाबले इस बार ₹11.52 करोड़ का भारी शुद्ध घाटा (Net Loss) दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹496.29 करोड़ से घटकर ₹368.60 करोड़ पर आ गया है।
क्यों बंद है प्रोडक्शन?
कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन कई बड़ी वजहों से रुका हुआ है। इनमें दिसंबर 2025 में हुए इनकम टैक्स के सर्च (Search) के मामले, NCR में GRAP स्टेज IV की पाबंदियां, स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा 'कंसेंट टू ऑपरेट' में बदलाव और JVVNL द्वारा बिजली की दरों में 25% की बढ़ोतरी शामिल हैं। कंपनी ने राजस्थान हाई कोर्ट में प्रोडक्शन शुरू करने की अनुमति के लिए याचिका दायर की है।
ऑडिटर की चिंता और कर्ज का बोझ
कंपनी की हालत इतनी गंभीर है कि ऑडिटर ने खुद 'गोइंग कंसर्न' यानी कंपनी के भविष्य में चलते रहने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा, कंपनी ने Axis Bank, Yes Bank और HDFC Bank की क्रेडिट फैसिलिटीज पर डिफॉल्ट (Default) भी किया है। साथ ही, एक TReDS फाइनेंसर को ₹64.21 करोड़ के बकाया भुगतान को लेकर भी कंपनी कानूनी पचड़ों में फंसी हुई है।
आगे क्या?
इस मुश्किल घड़ी से निकलने के लिए Rathi Bars ने Ernst & Young को प्रोफेशनल एडवाइजर और Menon & Associates को लीगल एडवाइजर नियुक्त किया है। ये फर्में कंपनी को ऑपरेशंस फिर से शुरू करने और बैंकर्स के साथ बातचीत में मदद करेंगी। हालांकि, कंपनी का भविष्य काफी हद तक कोर्ट के फैसलों और बैंकर्स के साथ होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को कंपनी की स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी। प्रोडक्शन फिर से शुरू करने की कानूनी और रेगुलेटरी बाधाएं, ऑडिटर की 'गोइंग कंसर्न' की चेतावनी, कर्ज डिफॉल्ट और बकाया भुगतान का मामला, ये सभी कंपनी के लिए बड़े रिस्क (Risk) हैं। मार्च 2026 में कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा भी एक चिंता का विषय है।
