Rasi Electrodes ने FY26 के नतीजों में दमदार प्रदर्शन किया है। टर्नओवर में गिरावट के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **28.42%** बढ़कर **₹3.52 करोड़** हो गया है। कंपनी ने **10%** डिविडेंड (प्रति शेयर **₹0.20**) की घोषणा भी की है।
मुनाफे में कैसे आई चमक?
कंपनी ने अपनी 32वीं AGM के दौरान बताया कि चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच भी उनका नेट प्रॉफिट ₹3.52 करोड़ रहा है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹2.74 करोड़ था। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में गिरावट के चलते टर्नओवर 11.57% घटकर ₹72.01 करोड़ पर आ गया। खास बात यह है कि कंपनी का कर्ज मात्र ₹9.85 लाख है, जो इसे एक मजबूत स्थिति में रखता है।
नई स्ट्रैटेजी: ट्रेडिंग को कहा 'अलविदा'
मार्केट की अस्थिरता को देखते हुए मैनेजमेंट ने ग्रोसरी और स्टेपल्स ट्रेडिंग कारोबार को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। अब कंपनी अपना पूरा ध्यान अपनी कोर मैन्युफैक्चरिंग यानी वेल्डिंग इलेक्ट्रोड्स बनाने पर ही केंद्रित करेगी।
भविष्य की तैयारी (सोलर प्लान)
ऑपरेटिंग खर्चों को कम करने के लिए कंपनी अब सोलर पावर एडॉप्शन की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी का एक ट्रायल सोलर प्लांट लगभग पूरा हो चुका है, जिससे भविष्य में एनर्जी कॉस्ट को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
रिस्क फैक्टर
कंपनी अभी भी स्टील रॉड के प्राइस साइकिल पर काफी निर्भर है, जो कुल प्रोडक्शन कॉस्ट का 95% हिस्सा है। ट्रेडिंग बिजनेस बंद होने से अब कंपनी के राजस्व का दायरा फिर से अपने कोर इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स तक ही सीमित हो गया है।
