Ranjeet Mechatronics ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के लिए अपने निराशाजनक वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **63%** घटकर **₹0.14 करोड़** रह गया है, जबकि कुल आय भी आधे से ज्यादा गिरकर **₹7.18 करोड़** पर आ गई है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
कंपनी के प्रदर्शन में सुस्ती का आलम यह है कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस बार नेट प्रॉफिट ₹0.39 करोड़ से घटकर महज ₹0.14 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी की कुल आय भी पिछले साल के ₹14.91 करोड़ के मुकाबले गिरकर ₹7.18 करोड़ पर सिमट गई है। ऑपरेशंस से होने वाली रेवेन्यू में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹14.58 करोड़ से घटकर ₹7.13 करोड़ रह गई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इस प्रदर्शन का सीधा असर अर्निंग पर शेयर (EPS) पर पड़ा है, जो पिछले साल के 0.10 से घटकर 0.04 रह गया है। हालांकि ऑडिटर्स Abhishek Kumar & Associates ने नतीजों पर अनमॉडिफाइड ओपिनियन दी है, लेकिन बिजनेस में आती सुस्ती निवेशकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है।
आगे क्या ट्रैक करें?
अब निवेशकों की नजर कंपनी के लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर होनी चाहिए। कंपनी की बैलेंस शीट में ₹12.38 करोड़ की इन्वेंट्री और ₹9.17 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स हैं। आने वाले समय में मैनेजमेंट इन रिसीवेबल्स को कैश में कैसे बदलता है और इन्वेंट्री को कैसे क्लियर करता है, यही कंपनी की ऑपरेशनल स्टेबिलिटी तय करेगा।
कंपनी ने अपने मैनेजमेंट पर्सनल Rakesh Vallabh Swadia और Devarshi Rakesh Swadia को वेतन भुगतान और Himgiri Engineers के साथ लोन ट्रांजेक्शन की जानकारी भी साझा की है, जिस पर भी निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
