Ram Ratna Wires ने निवेशकों के लिए बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है और 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर (Bonus Share) देने की भी योजना बनाई है। इसके साथ ही, कंपनी ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू (Revenue) में **40%** और PAT में **50%** की बढ़ोतरी हुई है।
Ram Ratna Wires FY26 के नतीजे और ग्रोथ प्लान
Recommended Dividend: ₹2.50 प्रति शेयर (50%)
Bonus Issue: 1:1 (दिसंबर 2025 तक)
क्या हुआ?
Ram Ratna Wires ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दमदार नतीजे घोषित किए हैं। स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹3,623 करोड़ की तुलना में 40% बढ़कर ₹5,076 करोड़ हो गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 50% बढ़कर ₹108 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹72 करोड़ था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 41% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹5,177 करोड़ रहा, और कंसोलिडेटेड PAT 56% बढ़कर ₹109 करोड़ हो गया।
ये क्यों अहम है?
यह मजबूत परफॉर्मेंस कंपनी के बेहतरीन ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन और बाजार की मजबूत मांग को दर्शाता है। जून 2025 में भिवाड़ी (Bhiwadi) में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की शुरुआत कंपनी की क्षमता विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है, खासकर कॉपर ट्यूब्स (Copper Tubes) सेगमेंट में, जो इंपोर्ट सब्स्टिट्यूशन (Import Substitution) में मदद करेगा। कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है और 1:1 बोनस शेयर को भी मंजूरी दी है, जो भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो पर कंपनी के भरोसे को दिखाता है।
बैकस्टोरी
कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के विस्तार पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। भिवाड़ी प्लांट का चालू होना एक रणनीतिक विस्तार है। इसके अलावा, बोर्ड ने सिल्वासा (Silvassa) में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ₹86 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को भी मंजूरी दी है।
अब क्या बदलेगा?
भिवाड़ी में नई क्षमता कॉपर ट्यूब्स सेगमेंट को मजबूती देगी। शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन बोनस इश्यू, आउटस्टैंडिंग शेयर्स (Outstanding Shares) की संख्या बढ़ाएगा, जिससे लिक्विडिटी (Liquidity) में सुधार हो सकता है। वहीं, सुझाया गया डिविडेंड सीधे शेयरधारकों को रिटर्न देगा।
किन जोखिमों पर नजर?
कंपनी पर असेसमेंट ईयर 2021-2022 से 2024-2025 के लिए ₹68 करोड़ (साथ ही ₹31 करोड़ ब्याज) का टैक्स डिमांड (Tax Demand) है, जो फिलहाल अपील में है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इसका नतीजा उनके पक्ष में आएगा, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है जिस पर नजर रखनी होगी। कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव को हेजिंग स्ट्रैटेजी (Hedging Strategy) के जरिए मैनेज किया जाता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को टैक्स लिटिगेशन (Tax Litigation) की प्रगति, नए भिवाड़ी और सिल्वासा प्लांट की क्षमता का पूरा उपयोग, और भविष्य में डिविडेंड व बोनस इश्यू से जुड़ी डिटेल्स पर नजर रखनी चाहिए।
