Rajvi Logitrade Share: घाटे में कंपनी, लेकिन नए कारोबार की तैयारी! नमक और पेट्रोकेमिकल ट्रेडिंग में उतरेगी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rajvi Logitrade Share: घाटे में कंपनी, लेकिन नए कारोबार की तैयारी! नमक और पेट्रोकेमिकल ट्रेडिंग में उतरेगी

Rajvi Logitrade लिमिटेड ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी की सेल्स और मुनाफे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। अब कंपनी शेयरधारकों से कच्चा नमक (raw salt) और पेट्रोकेमिकल बाय-प्रोडक्ट्स (petrochemical by-products) के ट्रेडिंग में उतरने की मंजूरी मांग रही है।

Rajvi Logitrade के Q1 FY27 के नतीजे: बिक्री में आई गिरावट, नए बिजनेस पर फोकस

Rajvi Logitrade लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट सेल्स (Net Sales) और प्रॉफिट (Profit) में मामूली कमी दर्ज की है।

कंपनी की नेट सेल्स ₹21.52 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹22.28 करोड़ थी। वहीं, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹0.64 करोड़ से घटकर ₹0.62 करोड़ हो गया। इसी तरह, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी ₹0.48 करोड़ से गिरकर ₹0.46 करोड़ पर आ गया।

बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी Q1 FY27 में घटकर ₹0.73 रह गया, जबकि Q1 FY26 में यह ₹4.82 था।

आगे क्या?

कंपनी ने अपने वित्तीय नतीजों के साथ-साथ एक अहम कदम उठाने का भी ऐलान किया है। Rajvi Logitrade अब शेयरधारकों की मंजूरी के बाद कच्चे नमक और पेट्रोकेमिकल बाय-प्रोडक्ट्स की ट्रेडिंग के क्षेत्र में कदम रखने की योजना बना रही है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

जहां एक ओर तिमाही नतीजों में आई गिरावट मौजूदा चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर यह कंपनी के लिए नए रेवेन्यू स्ट्रीम (revenue streams) खोलने का मौका भी दे सकती है। इससे कंपनी के बिजनेस प्रोफाइल में बदलाव आ सकता है। इसके अलावा, कंपनी कुछ अहम रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शंस (related-party transactions) के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी चाहेगी, जिसका असर कैपिटल एलोकेशन (capital allocation) और ऑपरेशनल सिनर्जी (operational synergies) पर पड़ सकता है।

क्या हैं मुख्य जोखिम?

अगर बाजार की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रदर्शन में आई यह मामूली गिरावट जारी रह सकती है। कच्चे नमक और पेट्रोकेमिकल ट्रेडिंग जैसे नए कारोबारों की सफलता बाजार की गतिशीलता और प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगी। बड़ी रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शंस को मंजूरी मिलने पर गवर्नेंस (governance) पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी और हितों के टकराव की संभावना भी बढ़ सकती है।

महत्वपूर्ण आंकड़े:

  • Q1 FY27 नेट सेल्स: ₹21.52 करोड़ (जून 2026)
  • Q1 FY26 नेट सेल्स: ₹21.28 करोड़ (जून 2025)
  • RCC लिमिटेड के साथ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन सीमा: ₹60 करोड़ (लॉजिस्टिक्स और अलाइड बिजनेस सर्विसेज, FY28)
  • RCC लिमिटेड के साथ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन सीमा: ₹20 करोड़ (फ्लीट और इक्विपमेंट ट्रांसफर, FY28)
  • मिस्टर राणा के साथ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन सीमा: ₹15 करोड़ (कमर्शियल व्हीकल लीजिंग, अवधि निर्दिष्ट नहीं)

निवेशक अब 15 सितंबर, 2026 को होने वाली 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर नजर रखेंगे, जहां शेयरधारक प्रस्तावित बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन (business diversification) और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस पर अपना फैसला सुनाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.