Rajratan Global Wire ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **24%** बढ़कर **₹1,156.50 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **19%** की उछाल के साथ **₹70.11 करोड़** रहा। हालांकि, स्टील की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया।
Rajratan Global Wire के नतीजे
राज रतन ग्लोबल वायर ने वितीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में पिछले साल की तुलना में 24% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो ₹1,156.50 करोड़ तक पहुँच गया है। इसी के साथ, कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 19% बढ़कर ₹70.11 करोड़ हो गया है। वहीं, EBITDA में 9% का इजाफा हुआ और यह ₹139.95 करोड़ दर्ज किया गया।
मार्जिन पर क्यों पड़ा दबाव?
कंपनी की 1,92,000 टन की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी का अच्छा इस्तेमाल हुआ है, खासकर एक्सपोर्ट्स और चेन्नई फैसिलिटी से। लेकिन, रेवेन्यू में इतनी बढ़त के बावजूद, PAT मार्जिन 20 बेसिस पॉइंट्स घटकर 6.1% पर आ गया। इसका मुख्य कारण कच्चे माल, खासकर स्टील की कीमतों में आई बढ़ोतरी है, जिसे कंपनी पूरी तरह से ग्राहकों पर पास-ऑन (pass-on) नहीं कर पाई।
आगे की रणनीति और डिविडेंड
वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में कंपनी का रेवेन्यू ₹935.25 करोड़ और PAT ₹58.80 करोड़ था। अब मैनेजमेंट आक्रामक विस्तार (aggressive expansion) की जगह 'स्ट्रक्चरल कंसॉलिडेशन कम कंपाउंडिंग' (structural consolidation cum compounding) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 'प्रोजेक्ट अपलिफ्ट' (Project Uplift) और 'प्रोजेक्ट 162K' (Project 162K) जैसी पहलों के ज़रिए कंपनी अगले पांच सालों में ₹2,000 करोड़ का रेवेन्यू और 14% EBITDA मार्जिन हासिल करने का लक्ष्य रखती है।
बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹2 के फाइनल डिविडेंड (final dividend) की भी सिफारिश की है।
निवेशकों को किन बातों पर नज़र रखनी चाहिए?
कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मार्जिन पर पड़ने वाला दबाव एक बड़ी चिंता है। साथ ही, कंपनी का डेट/EBITDA 2.31x है, जो वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों और चल रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर के कारण बढ़ा है। निवेशकों को इन पर नज़र रखनी चाहिए।
