Rajputana Stainless Limited ने अपने IPO फंड के इस्तेमाल में देरी की जानकारी दी है। गुजरात में एक प्रमुख फॉरवर्ड इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट के लिए आवंटित **₹18.57 करोड़** का फंड अभी भी खर्च नहीं हुआ है, जिसे लेकर CARE Ratings ने भी सवाल उठाए हैं।
फंड के इस्तेमाल में सुस्ती
Rajputana Stainless ने ३० सितंबर, २०२६ तक अपनी फाइनेंशियल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें सामने आया है कि कंपनी के पास कुल ₹21.33 करोड़ का अन-यूटिलाइज्ड (अखर्च) IPO बैलेंस पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि फॉरवर्ड इंटीग्रेशन के लिए अलॉट किए गए ₹18.57 करोड़ का अब तक शून्य (Zero) इस्तेमाल हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
CARE Ratings की मॉनिटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी स्टेनलेस स्टील सीमलेस पाइप्स के अपने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में विफल रही है। हालांकि, कंपनी ने कर्ज चुकाने (Debt Repayment) के लिए अलॉट किए गए ₹98 करोड़ में से ₹96.01 करोड़ का इस्तेमाल सफलतापूर्वक कर लिया है, लेकिन तीन अन्य ऑब्जेक्ट्स पर काम अभी भी अटका हुआ है। अब कंपनी कर्ज चुकाने वाले फंड से बचे ₹1.99 करोड़ को दूसरे कामों में री-एलोकेट करने की तैयारी कर रही है।
निवेशकों के लिए रिस्क
गुजरात के पंचमहल में स्थित यह प्रोजेक्ट कंपनी की भविष्य की प्रोडक्शन कैपेसिटी के लिए बेहद अहम है। फंड के इस्तेमाल में देरी का सीधा मतलब है कि प्रोजेक्ट अपनी डेडलाइन से पीछे चल रहा है। अभी मैनेजमेंट की ओर से प्रोजेक्ट पूरा होने की कोई ठोस तारीख नहीं दी गई है, जो कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर सवाल खड़े करता है।
मुख्य आंकड़े (Metrics)
- कुल IPO फंड: ₹178.73 करोड़
- कुल इस्तेमाल हुआ फंड: ₹157.40 करोड़
- अन-यूटिलाइज्ड फंड: ₹21.33 करोड़
