Rajoo Engineers ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹101.91 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹14.10 करोड़** से घटकर **₹8.26 करोड़** पर आ गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का विश्लेषण
Rajoo Engineers के लिए सितंबर तिमाही मिली-जुली रही है। जहां एक ओर कंपनी ने टॉप-लाइन ग्रोथ दिखाई है, वहीं बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹92.25 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹101.91 करोड़ रहा है।
क्यों कम हुआ मुनाफा?
प्रॉफिट में आई गिरावट के पीछे मुख्य वजह सब्सिडियरी का Ind AS अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स में शिफ्ट होना है। इस ट्रांजिशन के कारण पिछले डेटा को फिर से रिस्टेट (restated) किया गया है, जिससे सालाना तुलना करना थोड़ा पेचीदा हो गया है। साथ ही, कंपनी पर मार्जिन का दबाव साफ दिख रहा है, जिसे इनपुट कॉस्ट या कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग के नजरिए से देखा जा सकता है।
डिविडेंड और आगे की राह
कंपनी ने सितंबर में हुई AGM में मंजूर किए गए फाइनल डिविडेंड का भुगतान 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह प्रॉफिट में गिरावट सिर्फ अकाउंटिंग बदलाव का असर है या कंपनी का मार्जिन आने वाले समय में भी दबाव में रहेगा। प्लास्टिक एक्सट्रूजन मशीनरी सेगमेंट में कंपनी की परफॉर्मेंस अगले क्वार्टर में अहम साबित होगी।
