Rajoo Engineers के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 धमाकेदार रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **35.7%** बढ़कर **₹344.25 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि प्रॉफिट **₹48.90 करोड़** दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल ईयर का धमाकेदार सफर
राजू इंजीनियर्स (Rajoo Engineers) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी ग्रोथ की रफ्तार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। कंपनी ने 29 मई, 2025 को NSE पर धमाकेदार लिस्टिंग की और उसके बाद जुलाई में ₹160 करोड़ का QIP जुटाकर अपनी बैलेंस शीट को काफी मजबूत कर लिया है।
Kohli Printing के साथ नई स्ट्रैटेजी
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव 'कोहली प्रिंटिंग एंड कन्वर्टिंग मशीन्स' में 60% हिस्सेदारी खरीदना है। इस रणनीतिक कदम से कंपनी अब फ्लेक्सिबल पैकेजिंग सेक्टर में एक 'एंड-टू-एंड' सॉल्यूशन प्रोवाइडर बन गई है। इससे भविष्य में कंपनी के मार्जिन और क्रॉस-सेलिंग के मौके बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
आगे की चुनौतियां (Risks to watch)
ग्रोथ के बीच मैनेजमेंट ने आने वाले FY27 के लिए कुछ चेतावनियां भी दी हैं। रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अस्थिरता भी एक्सपोर्ट डिमांड को प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों की नजर किस पर हो?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी 'कोहली प्रिंटिंग' के साथ तालमेल (synergy) बैठाकर अपनी प्रोडक्ट रेंज को कितनी तेजी से स्ट्रीमलाइन करती है। आने वाली तिमाहियों में मार्जिन को बनाए रखना ही कंपनी के लिए असली चुनौती होगी।
