Rajeswari Infrastructure: दिवालिया प्रक्रिया के बीच कंपनी को लगा **₹0.58 करोड़** का झटका

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rajeswari Infrastructure: दिवालिया प्रक्रिया के बीच कंपनी को लगा **₹0.58 करोड़** का झटका

Rajeswari Infrastructure ने Q2 2026 के लिए **₹0.58 करोड़** के नेट लॉस की रिपोर्ट दी है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू लगभग शून्य है और फिलहाल यह एक जटिल इनसॉल्वेंसी रिकंसीलिएशन प्रक्रिया से गुजर रही है।

फाइनेंशियल चुनौतियों का दौर

Rajeswari Infrastructure के सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे कंपनी के संघर्षपूर्ण दौर को बयां कर रहे हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹0.58 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि इसका ऑपरेशन्स से रेवेन्यू जीरो रहा। कुल आय केवल ₹0.03 करोड़ रही, जो अन्य स्रोतों से प्राप्त हुई। कंपनी अभी कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के बाद पुनर्गठन के कठिन दौर में है।

क्यों सतर्क रहने की जरूरत है?

कंपनी की आर्थिक सेहत बेहद नाजुक है, जिसका प्रमाण ₹1.77 करोड़ की नेगेटिव नेट वर्थ है। ऑडिटर्स S V S R & Associates ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि NCLT द्वारा मंजूर रेजोल्यूशन प्लान का असर अभी तक पूरी तरह से कंपनी की किताबों में दर्ज नहीं किया गया है।

ऑडिटर्स की चेतावनी और जोखिम

13 जनवरी, 2026 को NCLT चेन्नई बेंच ने कंपनी के लिए एक रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। हालांकि कंपनी का दावा है कि रेजोल्यूशन एप्लीकेंट द्वारा डाले गए ₹3.28 करोड़ के फंड से स्थिति संभल जाएगी, लेकिन ऑडिटर्स ने दो बड़े 'रेड फ्लैग्स' दिखाए हैं:

  1. गोइंग कंसर्न रिस्क: नेगेटिव नेट वर्थ और संपत्तियों से अधिक देनदारियों के कारण कंपनी के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
  2. गवर्नेंस पर सवाल: कंपनी ने डायरेक्टर्स को ₹2.06 करोड़ का एडवांस दिया है, जिसमें से अकेले मैनेजिंग डायरेक्टर के ऊपर ₹2.03 करोड़ बकाया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

निवेशकों की नजर अब इस बात पर होनी चाहिए कि कंपनी कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ पुरानी अकाउंटिंग को ठीक करती है और क्या वे NCLT के प्लान को सफलतापूर्वक लागू कर पाते हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.