Rajeswari Infrastructure: NCLT से बाहर आते ही कंपनी ने पूरी की 33वीं AGM, बोर्ड का हुआ पुनर्गठन

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AuthorAditya Rao|Published at:
Rajeswari Infrastructure: NCLT से बाहर आते ही कंपनी ने पूरी की 33वीं AGM, बोर्ड का हुआ पुनर्गठन

Rajeswari Infrastructure ने NCLT प्रक्रिया से सफलतापूर्वक बाहर निकलने के बाद अपनी 33वीं सालाना आम बैठक (AGM) संपन्न कर ली है। कंपनी अब रिस्टोर किए गए बोर्ड के नेतृत्व में कामकाज को पटरी पर लाने की दिशा में बढ़ रही है।

NCLT से बाहर, अब नए दौर की शुरुआत

कंपनी ने 29 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी 33वीं AGM आयोजित की। यह बैठक कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, क्योंकि Insolvency and Bankruptcy Code के तहत चली लंबी प्रक्रिया (CIRP) के बाद अब कंपनी पूरी तरह से सामान्य कामकाज की ओर बढ़ रही है।

बोर्ड में बड़े बदलाव

13 जनवरी, 2026 को NCLT द्वारा रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद, 22 जुलाई, 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को बहाल (Reinstated) कर दिया गया था। गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए कंपनी ने बोर्ड में दो नए स्वतंत्र निदेशकों, श्री दयालन कीर्तिवासन और श्री मनिराज अर्जुनन को शामिल किया है।

AGM की मुख्य बातें

कंपनी ने अपने प्रशासनिक ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई:

  • 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाया गया।
  • फाइनेंशियल ईयर 2026-2027 के लिए M/s. SVSR & Associates को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है।

निवेशकों के लिए आगे का रास्ता

अगले 48 घंटों के भीतर वोटिंग के आधिकारिक नतीजे जारी किए जाएंगे। निवेशकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि नया बोर्ड कंपनी की भविष्य की रणनीति और ऑपरेशनल रोडमैप को किस तरह से लागू करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी अपने पुराने गौरव को वापस पाने के लिए क्या कदम उठाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.