Rajeswari Infrastructure ने अपने NCLT-अप्रूव्ड रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत मौजूदा प्रमोटर शेयर्स को खत्म किया जाएगा और कैपिटल रीकॉन्स्टिट्यूशन के जरिए नई इक्विटी जारी की जाएगी। बोर्ड ने ट्रेडिंग और ISIN को सस्पेंड करने की मंजूरी दे दी है।
NCLT प्लान का अमल और बदलावों की शुरुआत
NCLT, चेन्नई द्वारा 13 जनवरी, 2026 को मंजूरी मिलने के बाद, Rajeswari Infrastructure Limited के बोर्ड ने 21 सितंबर, 2026 को आयोजित बैठक में रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने का रोडमैप तैयार कर लिया है। अब कंपनी के स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिसमें प्रमोटर ग्रुप के शेयर्स को पूरी तरह खत्म (Extinguish) किया जाएगा और पब्लिक शेयर कैपिटल को फिर से तैयार किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया का यह चरण काफी संवेदनशील है। कंपनी अपनी पुरानी इक्विटी को नई कैपिटल स्ट्रक्चर से बदलने जा रही है। इसके तहत सबसे बड़ी एडमिनिस्ट्रेटिव कार्रवाई मौजूदा शेयर्स की ट्रेडिंग को सस्पेंड करना और मौजूदा ISIN (INE016C01014) को डीएक्टिवेट करना है। यह कदम कंपनी के पूरे इक्विटी बेस को पूरी तरह से बदलने का संकेत है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल कंपनी नई इक्विटी शेयर्स अलॉटमेंट की तैयारी में है। अभी तक 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) का ऐलान नहीं हुआ है, जो यह तय करेगा कि बदलाव के दौरान कौन से शेयरहोल्डर पात्र होंगे। एक बार सस्पेंशन लागू होने के बाद, निवेशक स्टॉक एक्सचेंज पर अपने शेयर्स ट्रेड नहीं कर पाएंगे। निवेशकों को अब केवल अलॉटमेंट रेशियो और ट्रांजिशन की तारीखों पर नजर रखनी होगी।
जोखिम और सतर्कता
ट्रेडिंग सस्पेंशन के कारण निवेशकों को तत्काल लिक्विडिटी के जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, NCLT के आदेशानुसार शेयर्स का अनिवार्य खात्मा (Extinguishment) इक्विटी स्टेक में बड़ा बदलाव लाएगा, जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यु डाइल्यूशन (Value Dilution) का खतरा बना हुआ है। शेयरहोल्डर्स को अगली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर बारीक नजर रखनी चाहिए ताकि उन्हें रिकॉर्ड डेट और नई ट्रेडिंग तारीखों की जानकारी समय पर मिल सके।
