Rajesh Power Services ने ₹436.62 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है और ₹864.8 करोड़ के नए प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। इससे कंपनी का ऑर्डर बुक ₹3,741.79 करोड़ तक पहुंच गया है। CRISIL ने कंपनी की आउटलुक को पॉजिटिव कर दिया है।
राजेश पावर सर्विसेज लिमिटेड: नए ऑर्डरों से बूस्ट हुई कंपनी की चाल
राजेश पावर सर्विसेज लिमिटेड ने Q1 FY26-27 के लिए ₹436.62 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी ने ₹864.8 करोड़ के नए प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। 30 जून, 2026 तक कंपनी का अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक (Unexecuted Order Book) बढ़कर ₹3,741.79 करोड़ हो गया है।
क्या है खास?
यह नई ऑर्डर मिलने से कंपनी को भविष्य में अच्छा-खासा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, रेटिंग एजेंसी CRISIL ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को 'A-' पर बरकरार रखा है और आउटलुक को 'स्टेबल' से बदलकर 'पॉजिटिव' कर दिया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह?
इन नए ऑर्डरों से कंपनी की भविष्य की कमाई का रास्ता साफ हो गया है। पॉजिटिव क्रेडिट रेटिंग आउटलुक (Positive credit rating outlook) कंपनी की वित्तीय सेहत और क्रेडिट एलिजिबिलिटी (Creditworthiness) में सुधार का संकेत देता है, जो भविष्य में फंड जुटाने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
आगे क्या?
अब कंपनी इन नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करेगी, जिसमें ओडिशा ट्रांसमिशन मार्केट में कंपनी की एंट्री भी शामिल है। CRISIL की पॉजिटिव आउटलुक से कंपनी को बेहतर लोन शर्तें (Borrowing terms) मिल सकती हैं और निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ सकती है।
जोखिम पर एक नजर
इन बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर और सफलतापूर्वक पूरा करना कंपनी के लिए बहुत ज़रूरी है ताकि ऑर्डरों को रेवेन्यू और प्रॉफिट में बदला जा सके। किसी भी तरह की देरी या लागत बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ सकता है।
नतीजों पर एक नजर (Q1 FY26-27)
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस: ₹436.62 करोड़
- अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक (30 जून, 2026 तक): ₹3,741.79 करोड़
- कुल नए प्रोजेक्ट्स: ₹864.8 करोड़
- ओडिशा प्रोजेक्ट (OPTCL): ₹211.68 करोड़
- PGVCL ऑर्डर: ₹653.12 करोड़
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी द्वारा ओडिशा और गुजरात प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन (Execution) की प्रगति, वित्तीय प्रदर्शन पर इनके असर और किसी भी नए ऑर्डर की घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।
