Rajasthan Tube Manufacturing ने FY 2025-26 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू गिरकर **₹1,700 लाख** रह गया, लेकिन नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹123 लाख** पहुंच गया है। मैनेजमेंट में बदलाव और टैक्स विवाद निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
मुनाफे का रहस्य
Rajasthan Tube Manufacturing Company Ltd के लिए यह साल उतार-चढ़ाव भरा रहा। कंपनी का टोटल रेवेन्यू पिछले साल के ₹5,634.08 लाख से घटकर इस साल ₹1,700.64 लाख पर आ गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में जबरदस्त सुधार दिखा है और यह ₹48.73 लाख से बढ़कर ₹123.69 लाख हो गया है। इस मुनाफे के पीछे मुख्य वजह मटेरियल कॉस्ट और फाइनेंस खर्चों में की गई कटौती है।
बोर्ड और गवर्नेंस में बदलाव
कंपनी ने इस दौरान बड़े संगठनात्मक बदलाव देखे हैं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और की-मैनेजरियल पर्सनल में काफी फेरबदल हुआ है। कंपनी ने 15 अगस्त 2026 को M/s. Kapil Kumar Agarwal & Associates को अपना नया स्टैच्युटरी ऑडिटर नियुक्त किया है, क्योंकि इससे पहले जुलाई में M/s. Bakliwal & Co. ने इस्तीफा दे दिया था।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी फिलहाल VAT और GST से जुड़े टैक्स विवादों का सामना कर रही है। इन बकाया टैक्स चुकाने के लिए कंपनी अपीलेट अथॉरिटीज से राहत की मांग कर रही है। इसके अलावा, लीडरशिप में अस्थिरता और ऑडिटर्स का बार-बार बदलना शेयरधारकों के लिए अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
आगे क्या नजर रखें?
आने वाले समय में कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर निवेशकों की नजर होनी चाहिए, जहां नए ऑडिटर्स की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, कंपनी की रेवेन्यू स्टेबिलाइजेशन और टैक्स विवादों की कानूनी स्थिति पर अपडेट्स बहुत महत्वपूर्ण होंगे।
