Rajasthan Tube Manufacturing Company ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे जारी किए हैं। रेवेन्यू में **70%** की बड़ी गिरावट के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹1.24 करोड़** रहा, जबकि पिछले साल यह **₹0.49 करोड़** था। हालांकि, ऑडिटर्स ने **₹15 करोड़** से ज्यादा के टैक्स विवादों पर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे का गणित और रेवेन्यू का संकट
कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशंस से होने वाली कमाई ₹56.34 करोड़ से घटकर ₹17.01 करोड़ पर आ गई है। बावजूद इसके कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.24 करोड़ तक पहुंच गया है। इस मुनाफे के पीछे मुख्य वजह कंपनी के फाइनेंशियल खर्चों में भारी कटौती रही, जो ₹1.26 करोड़ से घटकर महज ₹0.18 करोड़ रह गए।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor's Concern)
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती टैक्स से जुड़ी कानूनी उलझनें हैं। स्टैच्युटरी ऑडिटर M/s Bakliwal & Co ने 'Modified Opinion' दिया है। विवादों की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
- CGST/RGST: ₹4.89 करोड़ का मूल बकाया और ₹9.65 करोड़ का जुर्माना और ब्याज (2017-2020).
- टैक्स और ब्याज: ₹63.31 लाख (फाइनेंशियल ईयर 2025-2026).
- VAT विवाद: ₹7.5 लाख (2013-2014 से लंबित)।
निवेशकों के लिए रिस्क
कुल मिलाकर कंपनी पर ₹15 करोड़ से ज्यादा की विवादित टैक्स देनदारी है। मैनेजमेंट का कहना है कि ये अंतिम देनदारियां नहीं हैं और वे कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ये मुकदमे कंपनी की लिक्विडिटी और भविष्य की फाइनेंशियल सेहत पर असर डाल सकते हैं। अब सबकी नजरें कोर्ट की अगली कार्रवाई और कंपनी द्वारा रेवेन्यू को स्थिर करने की कोशिशों पर टिकी हैं।
