Rajasthan Cylinders & Containers के लिए FY26 बेहद निराशाजनक रहा है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बंद होने के कारण रेवेन्यू जीरो रहा और कंपनी को **₹1.01 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। ऑडिटर्स ने भी कंपनी के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कारोबार का हाल
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य रहा है। जयपुर स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट दिसंबर 2022 से ही बंद है। कंपनी की कुल इनकम ₹1.15 करोड़ रही, जो पूरी तरह अन्य स्रोतों से आई है, जिसके चलते कंपनी को ₹1.01 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) उठाना पड़ा है।
ऑडिटर्स की चेतावनी
कंपनी के ऑडिटर्स ने 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी करते हुए कई गंभीर चिंताएं जताई हैं। इसमें MSME बकाये पर ब्याज का भुगतान न करना और ट्रेड पेबल्स की पुष्टि न होना शामिल है। सबसे बड़ा जोखिम कंपनी के ₹6.51 करोड़ के डेफर्ड टैक्स एसेट्स पर है, जिनके रिकवर होने की संभावना कम जताई जा रही है क्योंकि बिजनेस ऑपरेशंस पूरी तरह बंद हैं।
भविष्य पर तलवार
ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (कारोबार जारी रखने) के स्टेटस पर मटेरियल अनिश्चितता जताई है। इसके अलावा, रिलेटेड पार्टीज से ₹2.31 करोड़ की उधारी की रिकवरी पर भी कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिख रहा है।
आगे क्या?
शेयरधारकों की निगाहें अब 30 सितंबर 2026 को होने वाली 46वीं AGM पर टिकी हैं। क्या कंपनी कोई नया बिजनेस मॉडल अपनाएगी या संकट गहराएगा, यह बैठक में तय हो सकता है।
