Rajasthan Cylinders & Containers ने अपना मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन बंद कर दिया है और Q1 FY27 में कंपनी को ₹0.64 करोड़ का भारी घाटा हुआ है। कंपनी अब अपनी संपत्ति बेच रही है और नए प्रोजेक्ट पर विचार कर रही है।
Rajasthan Cylinders का बड़ा फैसला: प्रोडक्शन बंद, घाटा बढ़ा
Rajasthan Cylinders & Containers Ltd. ने घाटे में चल रहे अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें ₹0.64 करोड़ (₹64.18 लाख) का नेट लॉस दर्ज किया गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह घाटा ₹0.34 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू मामूली बढ़कर ₹0.23 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹0.22 करोड़ था।
क्यों हुआ प्रोडक्शन बंद?
कंपनी के लिए यह एक बड़ा स्ट्रैटेजिक बदलाव है। मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स बंद होने के बाद, कंपनी अब अपने प्लांट और मशीनरी को बेचने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही, कंपनी एक लीजहोल्ड जमीन का टुकड़ा बेचने पर भी सहमत हो गई है, जिसके लिए रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार है। मैनेजमेंट नए प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करने और उसे शुरू करने के लिए एक कंसल्टेंट की तलाश कर रही है।
ऑडिट पर उठे सवाल
कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने कई गंभीर चिंताएं जताई हैं। इनमें सबसे अहम है कंपनी की गोइंग कंसर्न (यानी, भविष्य में चलते रहने की क्षमता) पर मटेरियल अनिश्चितता। इसके अलावा, बिना किसी फॉर्मल एग्रीमेंट के ₹2.57 करोड़ के रिलेटेड पार्टी लोन, डेफर्ड टैक्स एसेट्स का वैल्यूएशन और MSME (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज) के ड्यू पेमेंट्स पर इंटरेस्ट का प्रोविजन न करना जैसी बड़ी दिक्कतें भी सामने आई हैं।
आगे क्या?
निवेशकों को अब नए प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति, संपत्ति की बिक्री में प्रगति और किसी भी रेगुलेटरी अप्रूवल पर बारीकी से नजर रखनी होगी। कंपनी की भविष्य की दिशा और ऑडिट संबंधी चिंताओं का समाधान महत्वपूर्ण होगा।
