Rajapalayam Mills ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए **1.12 करोड़** रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल के मुकाबले एक बड़ा टर्नअराउंड (turnaround) है, जब कंपनी को घाटा हुआ था। रेवेन्यू (revenue) में **38%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई।
Q1 FY27 में Rajapalayam Mills की शानदार वापसी
Rajapalayam Mills Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन (standalone) आधार पर 1.12 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुए 12.24 करोड़ रुपये के नेट लॉस (net loss) के मुकाबले एक बड़ी और सकारात्मक उलटफेर है।
रेवेन्यू में 38% की जोरदार बढ़त
कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (revenue from operations) में 38% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जो 261.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह पिछले साल की पहली तिमाही में 188.57 करोड़ रुपये था।
कंसोलिडेटेड नतीजों में भी उछाल
कंसोलिडेटेड (consolidated) आधार पर देखें तो नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) दोगुना से भी ज़्यादा होकर 17.55 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 8.12 करोड़ रुपये था। हालांकि, एसोसिएट्स (associates) से होने वाले मुनाफे का हिस्सा घटकर 16.44 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 20.37 करोड़ रुपये था।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये नतीजे?
स्टैंडअलोन प्रॉफिटेबिलिटी में यह वापसी कंपनी के मुख्य कारोबार के लिए एक मजबूत संकेत है। रेवेन्यू ग्रोथ (revenue growth) बेहतर सेल्स परफॉरमेंस (sales performance) को दर्शाता है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में ग्रोथ, एसोसिएट प्रॉफिट में गिरावट के बावजूद, कंपनी के ओवरऑल बिजनेस स्ट्रक्चर (business structure) की मजबूती को दिखाता है।
कंपनी की पिछली स्थिति
पिछले साल की पहली तिमाही (Q1 FY26) में, Rajapalayam Mills ने स्टैंडअलोन आधार पर 12.24 करोड़ रुपये का नेट लॉस और 188.57 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस तिमाही में प्रॉपर्टी, प्लांट एंड इक्विपमेंट (Property, Plant & Equipment) की बिक्री से 1.01 करोड़ रुपये का एक एक्सेप्शनल लॉस (exceptional loss) भी दर्ज किया गया है।
अब क्या बदलाव?
रिपोर्टिंग के लिए, कंपनी ने अपने पावर सेगमेंट (power segment) को टेक्सटाइल बिजनेस (textile business) में कंसोलिडेट कर दिया है, क्योंकि पावर का इस्तेमाल कंपनी के अंदर ही होता है। इसका मतलब है कि Ind AS 108 के तहत अब अलग से सेगमेंट डिस्क्लोजर (segment disclosure) नहीं दिए जाएंगे।
निवेशकों को किन जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए?
निवेशकों को एसोसिएट्स से होने वाले मुनाफे में आई कमी का कंसोलिडेटेड नतीजों पर पड़ने वाले प्रभाव पर नज़र रखनी चाहिए। सेगमेंट रिपोर्टिंग में बदलाव से भी निवेशकों के लिए खास बिजनेस वर्टिकल (business vertical) की ट्रैकिंग में पारदर्शिता (transparency) पर असर पड़ सकता है।
