Rajapalayam Mills ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹966.89 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 4.6% ज़्यादा है। कंपनी ने अपने नेट लॉस को ₹50.20 करोड़ से घटाकर ₹15.12 करोड़ कर लिया है। इस सुधार का श्रेय बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट को दिया जा रहा है।
Rajapalayam Mills के FY26 नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, नेट लॉस में आई कमी
Rajapalayam Mills ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹966.89 करोड़ का रेवेन्यू और ₹15.12 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है।
निवेशक ध्यान दें: बेहतर मार्जिन ऑपरेशनल सुधारों का संकेत देते हैं, लेकिन ऊंचे फाइनेंस कॉस्ट और टैक्स देनदारियां चिंता का विषय बनी हुई हैं।
क्या हुआ?
Rajapalayam Mills ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹924.06 करोड़ की तुलना में 4.6% बढ़कर ₹966.89 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 48.1% की जोरदार उछाल आई है, जो ₹98.82 करोड़ से बढ़कर ₹146.37 करोड़ हो गया है।
हालांकि, कंपनी को नेट लॉस जारी रहा, लेकिन यह पिछले साल के ₹50.20 करोड़ के लॉस से काफी कम होकर FY26 में ₹15.12 करोड़ पर आ गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
नेट लॉस में यह कमी बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाती है। रेवेन्यू में ग्रोथ, खासकर फैब्रिक डिवीजन से, एक सफल स्ट्रेटेजिक शिफ्ट का संकेत दे रहा है। लेकिन, लगातार ऊंचे फाइनेंस कॉस्ट और आकस्मिक देनदारियां (contingent liabilities) शेयरधारकों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं।
पृष्ठभूमि
FY26 में कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य सहारा फैब्रिक डिवीजन रहा, जिसने ₹340.68 करोड़ की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के ₹241.37 करोड़ से ज़्यादा है। हालांकि, बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के कारण यार्न डिवीजन की बिक्री ₹644.61 करोड़ से घटकर ₹587.67 करोड़ रह गई।
अब क्या बदलेगा?
Rajapalayam Mills ने अपनी मशीनरी को आधुनिक बनाने के लिए ₹35.09 करोड़ का निवेश किया है, जिसका मकसद कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाना है। बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति शेयर ₹0.50 का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है।
जोखिम जिन पर नज़र रखनी है
- फाइनेंस कॉस्ट: वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतें और विस्तार के कारण ये ₹92.09 करोड़ पर ऊंचे बने हुए हैं।
- आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability): ₹71.07 करोड़ की GST मांग भविष्य में नकदी के बहिर्वाह (cash outflow) का जोखिम पैदा करती है।
- क्रेडिट रेटिंग: अप्रैल 2025 में रेटिंग में आई गिरावट भविष्य में कैपिटल की लागत को प्रभावित कर सकती है।
सहकर्मी तुलना (Peer Comparison)
हालांकि फाइलिंग में सहकर्मियों का विशिष्ट डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हुआ है, जो पिछले साल के 11% की तुलना में बढ़कर 16% हो गया है। यह पिछले प्रदर्शन की तुलना में बेहतर ऑपरेशनल नियंत्रण का संकेत देता है।
प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- FY26 में रेवेन्यू 4.6% बढ़कर ₹966.89 करोड़ हुआ।
- FY26 में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 48.1% बढ़कर ₹146.37 करोड़ हुआ।
- FY26 में नेट लॉस घटकर ₹15.12 करोड़ रह गया।
- FY26 के लिए सुझाया गया डिविडेंड: प्रति शेयर ₹0.50।
- आधुनिकीकरण में निवेश: ₹35.09 करोड़।
आगे क्या देखें
निवेशकों को फैब्रिक डिवीजन की ग्रोथ को बनाए रखने, कंपनी की भारी फाइनेंस कॉस्ट को प्रबंधित करने और आकस्मिक GST देनदारी को हल करने की कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। आधुनिक मशीनरी के सफल एकीकरण और भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर इसके प्रभाव पर भी नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
