Raghav Productivity Enhancers (RPEL) ने TRL Krosaki Refractories के साथ एक जॉइंट वेंचर (JV) का ऐलान किया है। इस साझेदारी के तहत ओडिशा में **350,000 MTPA** क्षमता वाली नई सिलिका रैमिंग मास मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार की जाएगी।
₹100 करोड़ का बड़ा निवेश
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में कुल ₹100 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इस नई यूनिट के जरिए कंपनी अपने सप्लाई चेन को बेहद मजबूत बनाने की तैयारी में है। इस डील में RPEL अपनी पेटेंटेड टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) का उपयोग करेगा, जबकि TRL Krosaki अपने क्वार्टजाइट (quartzite) रिसोर्सेज और माइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा प्रदान करेगा।
क्यों खास है यह साझेदारी?
यह पार्टनरशिप तीन मुख्य वजहों से गेम-चेंजर साबित हो सकती है:
- कच्चे माल की सुरक्षा: TRL Krosaki की ओडिशा में माइनिंग ऑपरेशंस से कंपनी को लंबे समय तक कच्चा माल मिलता रहेगा।
- लॉजिस्टिक्स में बचत: उत्पादन केंद्र औद्योगिक हब के पास होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में कमी आएगी।
- रॉयल्टी इनकम: RPEL अपनी टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग के जरिए प्रोडक्ट सेल्स से अलग एक नई कमाई का जरिया भी तैयार कर रहा है।
1 मिलियन MTPA का लक्ष्य
वर्तमान में RPEL दुनिया की सबसे बड़ी सिलिका रैमिंग मास निर्माता कंपनी है। इस नए प्लांट के साथ, कंपनी की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 534,000 MTPA से बढ़कर 1 मिलियन MTPA की ओर बढ़ रही है। कंपनी का साफ लक्ष्य घरेलू मार्केट में 30% हिस्सेदारी पर कब्जा करना है।
