Raghav Productivity Enhancers (RPEL) ने TRL Krosaki Refractories के साथ हाथ मिलाया है। ओडिशा में **3.5 लाख MTPA** क्षमता वाला सिलिका रैमिंग मास प्लांट लगाने के लिए दोनों कंपनियों ने एक जॉइंट वेंचर (JV) साइन किया है, जिसमें RPEL की हिस्सेदारी **80%** होगी।
क्या है यह डील?
इस नई पार्टनरशिप के तहत, Raghav Productivity Enhancers अपनी पेटेंटेड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराएगी, जबकि TRL Krosaki ओडिशा की अपनी खदानों से रॉ क्वार्टजाइट (Quartzite) की सप्लाई सुनिश्चित करेगी। यह प्लांट ईस्ट इंडिया के मार्केट को कैप्चर करने के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।
क्यों अहम है यह कदम?
यह वेंचर RPEL के लिए न केवल प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने का मौका है, बल्कि इससे कंपनी को रॉ मटेरियल का एक स्टेबल सोर्स भी मिल गया है। इस कदम से लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी आएगी और कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्टीज का दायरा और बढ़ेगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि TRL Krosaki को Nippon Steel Corporation का समर्थन प्राप्त है, जो इस डील की विश्वसनीयता को और बढ़ाता है।
गवर्नेंस और आगे का रास्ता
कंपनी ने साफ किया है कि यह डील 'आर्म्स लेंथ' (Arm's length) आधार पर की गई है। हालांकि, हेमंत मधुसूदन नेरुरकर दोनों कंपनियों के बोर्ड में शामिल हैं, लेकिन इसे किसी भी तरह के कनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट से दूर बताया गया है। निवेशकों को अब इस प्रोजेक्ट के लिए लैंड एक्विजिशन, कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन और कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की तारीखों पर नजर रखनी चाहिए।
