Race Eco Chain Ltd ने अपने बिजनेस में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी अपने बायोमास और रिस्टोर बैग डिवीजनों को अलग एंटिटीज के रूप में डीमर्ज करेगी। साथ ही, कंपनी ने FY26 के लिए **₹7.29 करोड़** का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है और अपनी 26वीं AGM की तारीख भी तय कर दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और बिजनेस डीमर्जर
कंपनी ने FY26 के लिए जो आंकड़े पेश किए हैं, उनमें कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹7.29 करोड़ रहा है, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹2.30 करोड़ दर्ज किया गया है। कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग के तहत, कंपनी अपने 'बायोमास' डिवीजन को 'Geoeco Green Energy Limited' में और 'रिस्टोर बैग' डिवीजन को 'Race Gateway Limited' में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
अहम बदलाव और नेतृत्व
कंपनी ने 1,955,000 वॉरंट्स को जब्त (forfeit) कर लिया है क्योंकि इनका कन्वर्जन नहीं हुआ था, जिससे कंपनी के पास ₹17.20 करोड़ की सब्सक्रिप्शन पेनल्टी जमा हुई है। कंपनी की कमान अब भी सुनील कुमार मलिक के हाथों में रहेगी, जिन्हें मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है।
ऑडिटर्स और AGM की जानकारी
आगामी 26 सितंबर, 2026 को होने वाली 26वीं AGM के लिए शेयर ट्रांसफर बुक्स 20 सितंबर से 26 सितंबर, 2026 तक बंद रहेंगी। कंपनी ने अक्षय सिंगला एंड एसोसिएट्स को नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने की सिफारिश की है, जिनका कार्यकाल 5 साल का होगा।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है रिस्क?
निवेशकों को मुख्य रूप से रेगुलेटरी अप्रूवल टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। NCLT और SEBI से मंजूरी मिलने में देरी होने पर रीस्ट्रक्चरिंग प्लान प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में आय और मुनाफे में आई गिरावट भी चिंता का विषय है जिसे ट्रैक करना जरूरी है।
