RR MetalMakers India Ltd ने FY25-26 के लिए **₹0.67 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। यह पिछले साल के मुनाफे से एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग बंद कर दी है और अब केवल स्टील और आयरन ओर की ट्रेडिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
RR MetalMakers India ने FY26 में दर्ज किया घाटा, बदली बिजनेस स्ट्रेटेजी
RR MetalMakers India Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹0.67 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के ₹1.68 करोड़ के मुनाफे से काफी अलग स्थिति है। कंपनी की कुल आय हालांकि बढ़कर ₹87.39 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹52.51 करोड़ थी।
क्यों हुआ ये बदलाव?
कंपनी ने गुजरात स्थित अपनी फैक्ट्री बेचने के बाद मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। अब कंपनी पूरी तरह से स्टील और आयरन ओर की ट्रेडिंग पर ध्यान दे रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस स्ट्रेटेजिक बदलाव से कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार होगा और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।
आगे क्या?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY 2025-26 के लिए किसी भी डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
ऑडिटर की चिंताएं
एक स्वतंत्र ऑडिटर की रिपोर्ट में ₹16.30 करोड़ के एक्सपोर्ट सेल्स पर रेवेन्यू रिकग्निशन को लेकर क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) दिया गया है। यह बिक्री Samaira International Limited और Grandmark Global PTE Ltd को की गई थी। ऑडिटर ने पाया कि ऑडिट रिपोर्ट की तारीख तक ग्राहकों को माल की फिजिकल डिलीवरी नहीं हुई थी। मैनेजमेंट ने देरी का कारण लॉजिस्टिकल इश्यूज बताया है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को कंपनी के नए, सिर्फ ट्रेडिंग पर आधारित बिजनेस मॉडल के तहत प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। रेवेन्यू रिकग्निशन से जुड़ी ऑडिटर की चिंताओं का समाधान और ट्रेडिंग पोर्टफोलियो का विस्तार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
