RPP Infra Projects का फाइनेंशियल ईयर **2026** का प्रदर्शन निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹65.47 करोड़** से गिरकर केवल **₹7.79 करोड़** रह गया है, जबकि रेवेन्यू में मामूली बढ़त देखी गई है।
मुनाफे पर क्यों लगा ग्रहण?
कंपनी ने इस दौरान रेवेन्यू में तो बढ़त दर्ज की और यह बढ़कर ₹1,478.77 करोड़ (पिछले साल ₹1,431.55 करोड़) पर पहुंच गया, लेकिन बॉटम-लाइन पर मार्जिन का दबाव साफ दिखा। मैनेजमेंट के मुताबिक, प्रॉफिट में इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- सब-कॉन्ट्रैक्टिंग की बढ़ती लागत: अधिक मात्रा में सब-कॉन्ट्रैक्टिंग काम देने से मार्जिन घटे हैं।
- प्रोजेक्ट मोबिलाइजेशन: नए बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत में होने वाले शुरुआती खर्चों का असर मुनाफे पर पड़ा है।
- इन्फ्लेशन: कमोडिटी की कीमतों में उछाल और ग्लोबल महंगाई ने भी लागत बढ़ाई है।
ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी का कामकाज पूरी तरह से ठप नहीं है। RPP Infra के पास इस समय ₹3,750.83 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें कुल 39 प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। साल के दौरान कंपनी को ₹2,470.14 करोड़ के नए ऑर्डर्स भी मिले हैं। कंपनी का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर (84.86%), वॉटर मैनेजमेंट (14.81%) और बिल्डिंग्स (0.33%) पर है।
गवर्नेंस और अन्य अपडेट्स
कंपनी ने साफ कर दिया है कि इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी को रेगुलेटरी मोर्चे पर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। BSE को डिस्क्लोजर में देरी के चलते ₹29,500 का जुर्माना भरना पड़ा है और कंपनी MCA (मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स) के एक नोटिस का जवाब दे रही है। कंपनी की AGM 25 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
