RMC Switchgears ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। सोलर EPC सेगमेंट की दमदार मांग से कंपनी का रेवेन्यू **26.4%** बढ़कर **₹401.59 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते नेट प्रॉफिट **27.3%** घटकर **₹22.45 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी की टॉपलाइन ग्रोथ काफी मजबूत रही है, लेकिन बॉटमलाइन पर दबाव साफ नजर आया। इसका मुख्य कारण कॉपर, एल्युमिनियम और स्टील जैसी कमोडिटीज की कीमतों में आई भारी तेजी है। कंपनी ने अपने पुराने फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स पर इन अतिरिक्त लागतों को खुद वहन किया, जिसका सीधा असर मार्जिन पर पड़ा और ग्रॉस मार्जिन घटकर 23.67% रह गया।
नई ऊंचाई और भविष्य की राह
वित्तीय नतीजों के अलावा कंपनी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 1 अप्रैल 2026 से RMC Switchgears अब BSE और NSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट हो गई है। कंपनी का ऑर्डर बुक काफी मजबूत है, जो ₹800 करोड़ के पार निकल चुका है।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों की नजर कंपनी के दो अहम फैसलों पर होगी:
- कैश फ्लो: पिछले साल ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव रहने के बाद अब कंपनी का पूरा जोर पैसा वसूलने और कैश कलेक्शन बेहतर करने पर है।
- PulseBox टेक्नोलॉजी: कंपनी अपनी स्मार्ट 'PulseBox' टेक्नोलॉजी के कमर्शियल रोलआउट की तैयारी कर रही है। 10 पायलट साइट्स पर इसकी सफलता के बाद, इसे बड़े पैमाने पर मार्केट में उतारने की योजना है।
अगले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने अपने नए बिड्स में प्राइस एस्केलेशन क्लॉज (Price escalation clauses) भी जोड़े हैं, ताकि आगे मार्जिन पर असर न पड़े।
