RITES ने सितंबर तिमाही के नतीजों के साथ अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड (Dividend) का तोहफा दिया है। कंपनी ने **₹97.06 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि बोर्ड ने प्रति शेयर **₹1.90** का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।
मुनाफे की रफ्तार और डिविडेंड
RITES ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू ₹556.83 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹97.06 करोड़ रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दूसरे अंतरिम डिविडेंड के रूप में ₹1.90 प्रति शेयर की मंजूरी दी है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 11 नवंबर 2026 तय की गई है और भुगतान 3 दिसंबर 2026 तक कर दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण घोषणाएं
नतीजों के साथ ही कंपनी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए NICC Infrastructure Construction LLC के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को आगे नहीं बढ़ाने की जानकारी दी है।
रिस्क और गवर्नेंस पर नजर
जहां डिविडेंड से निवेशकों को राहत मिली है, वहीं ऑडिटर्स की रिपोर्ट में कुछ अहम टिप्पणियां की गई हैं। बोर्ड में SEBI (LODR) नियमों के अनुसार 50% इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी पाई गई है। यह अनुपालन (Compliance) संबंधी चूक निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। इसके अलावा, कंपनी अपनी 24% हिस्सेदारी वाली IRSDC के लिक्विडेशन और अपनी बोत्सवाना स्थित सहायक कंपनी RITES (Afrika) Proprietary Limited को बंद करने की प्रक्रिया में जुटी है, जिसका असर भविष्य की बैलेंस शीट पर पड़ सकता है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी कितनी जल्दी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति करती है और IRSDC लिक्विडेशन से अंतिम पूंजी वसूली कितनी होती है।
