RITES Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2019-20 के टैक्स विवाद को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। डेप्युटी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स (अपील्स) ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए **₹38.30 करोड़** की राहत दी है, जिससे कंपनी की बड़ी लायबिलिटी खत्म हो गई है।
फैसले का गणित (Financial Impact)
कंपनी के लिए यह जीत बहुत अहम है क्योंकि इससे अनिश्चितता का बादल छंट गया है। ऑथोरिटी ने ₹38.30 करोड़ की टैक्स डिमांड को पूरी तरह हटा दिया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपील प्रक्रिया के दौरान ₹1.93 करोड़ का प्री-डिपॉजिट भी जमा किया था, जिसे अब वापस पाने या एडजस्ट करने का रास्ता साफ हो गया है।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने साफ कर दिया है कि इस टैक्स डिमांड से जुड़ी अब कोई भी ब्याज (Interest) या पेनल्टी (Penalty) बकाया नहीं है। अहमदाबाद के डेप्युटी कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स (अपील्स) द्वारा 30 सितंबर, 2026 को जारी आदेश को कंपनी ने 3 अक्टूबर, 2026 को प्राप्त किया।
निवेशकों के लिए नजरिया
हालांकि यह विवाद सुलझ गया है, लेकिन निवेशकों को अब आने वाली तिमाही नतीजों पर नजर रखनी चाहिए कि ₹1.93 करोड़ के प्री-डिपॉजिट को कंपनी कैसे रिकवर करती है। इस राहत से कंपनी की बैलेंस शीट में अब अधिक स्पष्टता (Clarity) आएगी और मैनेजमेंट का फोकस अब ऑपरेशन्स पर बढ़ेगा।
