RDB Infrastructure and Power Limited ने अपनी 20वीं AGM की घोषणा की है। कंपनी का मुनाफा FY26 में **₹12.52 करोड़** तक पहुंच गया है, लेकिन गुरुग्राम में जमीन सौदे को लेकर चल रही ED की जांच और BSE के जुर्माने ने कंपनी के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। रेवेन्यू ₹113.48 करोड़ से बढ़कर ₹142.60 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹5.54 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹12.52 करोड़ रहा। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹0.32 से बढ़कर ₹0.64 हो गया है।
ED का शिकंजा और कानूनी मुसीबतें
वित्तीय मजबूती के बावजूद, कंपनी गवर्नेंस से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही है। मैनेजमेंट ने खुलासा किया कि गुरुग्राम में 2.83 एकड़ जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' के तहत जांच कर रहा है। इसके चलते कंपनी के ऑफिस और लीडरशिप के आवासों पर छापेमारी भी हुई है।
BSE का जुर्माना और ऑपरेशनल अपडेट
नियमों के उल्लंघन और फाइलिंग में देरी के कारण BSE ने कंपनी पर ₹8.02 लाख का जुर्माना लगाया है। कंपनी का कहना है कि ED जांच और स्टाफ की कमी के चलते यह देरी हुई। फिलहाल, कंपनी ने किसी भी तरह का डिविडेंड (Dividend) घोषित नहीं किया है, क्योंकि वे कैपिटल बचाने पर ध्यान दे रहे हैं।
ऑपरेशन्स की बात करें तो, कंपनी ने हरिद्वार, भोपाल और रायपुर में हेरिटेज होटल और मॉल रिनोवेशन प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। साथ ही, कोलकाता में 2.6 MWp के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट के साथ कंपनी ने रिन्यूएबल सेक्टर में भी कदम रखा है।
