Quadrant Future Tek Limited ने FY26 के अपने नतीजों की घोषणा कर दी है, जिसमें कंपनी को **₹429.42 मिलियन** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी का पूरा ध्यान फिलहाल अपने ट्रेन कंट्रोल और KAVACH सिस्टम पर केंद्रित है, जिसकी वजह से मार्जिन पर दबाव देखा जा रहा है।
मुनाफे से घाटे की ओर
कंपनी ने FY26 में ₹1,529.67 मिलियन का रेवेन्यू तो दर्ज किया, लेकिन खर्चों की अधिकता ने नतीजों को बिगाड़ दिया। कंपनी का EBITDA ₹339.78 मिलियन के नेगेटिव स्तर पर पहुंच गया है, जिसका मुख्य कारण ट्रेन कंट्रोल और सिग्नलिंग डिविजन में किया गया भारी भरकम R&D खर्च है।
KAVACH पर कंपनी का बड़ा दांव
Quadrant Future Tek का भविष्य अब काफी हद तक स्वदेशी रेलवे सेफ्टी सिस्टम 'KAVACH' पर टिका है। कंपनी के पास इस सेगमेंट में ₹8,054 मिलियन का शानदार ऑर्डर बुक है। अच्छी खबर यह है कि कंपनी को KAVACH 4.0 के पैसेंजर ट्रायल के लिए RDSO से मंजूरी मिल चुकी है, जो आने वाले समय में कमाई का बड़ा जरिया बन सकता है।
अन्य सेगमेंट और चुनौतियां
स्पेशियलिटी केबल बिजनेस अभी भी कंपनी की रीढ़ बना हुआ है और इसके पास ₹558 मिलियन के ऑर्डर मौजूद हैं। कंपनी अब इस बिजनेस को सोलर और EV केबल क्षेत्र में भी फैला रही है ताकि पुरानी निर्भरता कम हो सके।
हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी:
- ऑडिटर्स की चिंता: लगातार कैश लॉस के कारण ऑडिटर्स ने कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को लेकर सवाल उठाए हैं।
- कानूनी अड़चनें: कंपनी पर सेक्शन 42 के उल्लंघन के तहत ₹30 लाख और प्रमोटर्स पर ₹6 लाख का जुर्माना लगाया गया है, जिसे लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।
