Quadrant Future Tek ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को पूरे साल में ₹42.9 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। यह घाटा इसलिए और भी चौंकाने वाला है क्योंकि चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनी ने ₹1.1 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।
क्यों हुआ इतना घाटा?
कंपनी की आय (Income from operations) ₹153.0 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 2% ज्यादा है। लेकिन, कंपनी की मटेरियल कॉस्ट (Material Costs) में 77% का भारी इजाफा हुआ और यह ₹189.4 करोड़ पर पहुंच गई। इसके चलते, पूरे साल के लिए EBITDA ₹-34.0 करोड़ रहा और अंत में ₹42.9 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया।
निवेशक क्या जानें?
FY25 में ₹19.7 करोड़ के घाटे से तुलना करें तो इस साल घाटा और बढ़ा है। यह मुख्य रूप से KAVACH 4.0 सिस्टम पर रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में लगातार हो रहे निवेश का नतीजा है। हालांकि, चौथी तिमाही में रेवेन्यू में 70% की शानदार तिमाही बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹56.6 करोड़ तक पहुंच गया। इसका श्रेय स्पेशियलिटी केबल्स सेगमेंट (Specialty Cables segment) को जाता है। लेकिन, सालाना मुनाफे की बात करें तो अभी भी चिंता बनी हुई है।
KAVACH 4.0 पर फोकस
कंपनी अपने KAVACH (TCAS) सिस्टम के डेवलपमेंट पर काफी पैसा खर्च कर रही है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों (inflationary pressures) ने भी मुनाफे पर दबाव डाला है। कंपनी ने IPO के जरिए फंड जुटाया था, जिसका बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रखा गया था।
आगे क्या?
ऑपरेशनल मोर्चे पर सबसे बड़ी खबर यह है कि RDSO ने KAVACH 4.0 के पैसेंजर ट्रायल (passenger trials) को मंजूरी दे दी है। यह इसके व्यावसायीकरण (commercialization) की दिशा में एक अहम कदम है। कंपनी के पास TCAS ऑर्डर बुक ₹805.4 करोड़ का है और कुल ऑर्डर बुक लगभग ₹861.2 करोड़ का है, जिससे भविष्य की कमाई का एक संकेत मिलता है।
जोखिम (Risks)
कच्चे माल की लागत में 77% की बढ़ोतरी अभी भी मार्जिन पर दबाव बनाए हुए है। निवेशक इस बात पर भी नजर रखेंगे कि IPO से जुटाई गई राशि का कितना इस्तेमाल हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम (Electronic Interlocking systems) के लिए रखे गए ₹24.4 करोड़ में से अब तक सिर्फ ₹1.7 करोड़ ही खर्च हुए हैं।
