Pyramid Technoplast ने Q1 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले **36%** बढ़कर **₹222 करोड़** तक पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **32%** की जोरदार बढ़ोतरी के साथ यह **₹10.5 करोड़** रहा।
Pyramid Technoplast ने Q1 FY27 में दर्ज की दमदार ग्रोथ
Pyramid Technoplast Ltd ने अपने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 36% का इजाफा हुआ और यह ₹222 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 32% बढ़कर ₹10.5 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 10% रहा और क्षमता का उपयोग करीब 62% दर्ज किया गया।
रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन पर दबाव
कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ का मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ी कीमतों को ग्राहकों पर डालना रहा। हालांकि, इससे कंपनी के ग्रॉस मार्जिन पर दबाव पड़ा, जो पिछले साल के मुकाबले घटकर 23% रह गया। कंपनी का मैनेजमेंट पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए EBITDA मार्जिन 11-12% का लक्ष्य लेकर चल रहा है, उम्मीद है कि कीमतों के स्थिर होने पर इसमें सुधार आएगा।
निर्यात में सुस्ती और कंपनी की स्ट्रैटेजी
कंपनी का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब निर्यात में, खासकर मध्य पूर्व से, आई अस्थायी सुस्ती के कारण वॉल्यूम पर कुछ दबाव देखा गया। कंपनी ने ग्रीन एनर्जी और एक नई विस्तार योजना जैसी रणनीतिक पहलों पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
कच्छ में विस्तार और सरकारी सब्सिडी
Pyramid Technoplast अपनी कच्छ सुविधा में ₹20-25 करोड़ का विस्तार कर रही है, जिसका लक्ष्य मार्च 2027 तक प्रति माह 10,000 IBC यूनिट की क्षमता हासिल करना है। इस विस्तार से शुरुआत में ₹50 करोड़ का रेवेन्यू आने की उम्मीद है, जो बाद में बढ़कर ₹90-100 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹35.4 करोड़ की सरकारी सब्सिडी भी हासिल की है, जो अगले 10 वर्षों में मिलेगी और इसी फाइनेंशियल ईयर से शुरू होगी।
आगे के लिए जोखिम
कंपनी के लिए मुख्य जोखिमों में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का प्रबंधन, मौजूदा 62% की क्षमता उपयोग को साल के अंत तक 70-75% तक बढ़ाना और कच्छ विस्तार परियोजना का सफल क्रियान्वयन शामिल है।
भविष्य में क्या देखें
निवेशकों को क्षमता उपयोग के रुझान, कच्छ सुविधा की प्रगति, EBITDA मार्जिन के 11-12% के लक्ष्य की ओर स्थिरीकरण और ग्रीन एनर्जी पहलों से होने वाली बचत पर नजर रखनी चाहिए।
